फोटोकॉपी मशीन पर नोट रखते ही क्या होता है, क्यों नोट छापने से मना कर देता है प्रिंटर? समझें स्मार्ट टेक्नोलॉजी

parmodkumar

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क्या आपके मन में आया है कि 100 या 500 के नोट को प्रिंटर या फोटोकॉपी मशीन पर रखकर अगर प्रिंट क्या जाए, तो क्या होगा? कई लोग तो सोचते हैं कि प्रिंटर या फोटोकॉपी मशीन नोट की एक कॉपी निकाल देगी। हालांकि ऐसा नहीं है। दरअसल प्रिंटर और नोटों में मौजूद एक स्मार्ट टेक्नोलॉजी की वजह से जैसे ही किसी आम फोटोकॉपी मशीन या प्रिंटर के जरिए नोट प्रिंट करने की कोशिश की जाती है, तो मशीन फ्रिंट निकालने से मना कर देती है।

ऐसा यूरियन पैटर्न की वजह से होता है, जो कि हमें भारतीय और अन्य देशों की करंसी पर हे पीले, हरे और नारंगी रंग के घेरों के रूप में दिखते हैं। प्रिंटर और फोटोकॉपी की मशीने इन पैटर्न को रीड कर सकती हैं और नोट प्रिंट करने की कोशिश किए जाने पर एरर मैसेज दिखा देती है।

क्या होता है यूरियन पैटर्न
लगभग हर देश की करंसी पर कुछ पीले, हरे और नारंगी रंग के गोलाकार पैटर्न मौजूद होते हैं। इसे यूरियन पैटर्न कहा जाता है। आम लोग इसे नोट के डिजाइन का पार्ट समझ सकते हैं लेकिन असल में यह एक छिपा हुआ कोड होता है, जिसे पढ़ने के लिए प्रिंटर और फोटोकॉपी मशीन को प्रोग्राम किया जाता है।

नोट को प्रिंट करने पर क्या होता है?
अगर आप फोटोकॉपी मशीन या प्रिंटर पर नोट को रखकर स्कैन करें और फिर प्रिंट करने की कोशिश करें, तो ज्यादातर प्रिंटर्स में ऐसा नहीं हो पाएगा। प्रिंटर इस तरह प्रोग्राम होते हैं कि वे यूरियन पैटर्न को देखकर प्रिंट करना ही रोक दें। कई बार प्रिंटर, प्रिंट तो करता है लेकिन प्रिंट में पूरा नोट छप कर नहीं निकलता। यह तमाम एहतियात नकली करंसी को रोकने के मकसद से किए जाते हैं।

Adobe Photoshop भी होता है CDS से लैस
भले कोई प्रिंटर पर नोट प्रिंट न करे लेकिन अगर फोटो खींच कर उन्हें फोटोशॉप के जरिए एडिट करने की कोशिश करे, तो क्या होगा। बता दें कि Adobe Photoshop जैसे सॉफ्टवेयर भी CDS सिस्टम से लैस होते हैं। ऐसे में नोट को फोटोशॉप में एडिट करने की कोशिश हो, तो भी सॉफ्टवेयर आपको एक चेतावनी देगा और उस फाइल को खोलने से मना कर देगा। इस सिस्टम को ही CDS यानी कि Counterfeit Deterrence System कहते हैं।