पाषाणभेद समेत 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां किडनी स्टोन के दर्द से राहत देती हैं

parmodkumar

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आयुर्वेद में किडनी स्टोन को मूत्रश्मरी कहा जाता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब शरीर में वात-कफ का असंतुलन, विषाक्त पदार्थों के संचय और पाचन संबंधी गड़बड़ी होने लगती है। शरीर में किडनी का काम रक्त में से विषाक्त पदार्थों, अतिरिक्त पानी और अनुपयोगी चीजों को यूरिन के रूप में बाहर निकालना है।

किडनी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स, एसिड बेस, ब्लड प्रेशर और बोन हेल्थ को मेंटेन रखने वाले मिनरल्स का बैलेंस करने का काम भी करती है। जब किडनी को शरीर से विषाक्त और गैरजरूरी पदार्थों को बाहर निकालने में परेशानी होती है तो ये इस बात का संकेत हो सकता है कि किडनी में स्टोन है।
किडनी स्टोन के लक्षण
नीचे दिए गए लक्षण किडनी में स्टोन होने का संकेत हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करने से अक्सर बाद में तेज और गंभीर दर्द हो सकता है। किडनी में स्टोन होने पर निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं-

पेशाब करते समय जलन
पेट के निचले हिस्से में दर्द
यूरिन के रंग में बदलाव
पेशाब कम मात्रा में होना
ब्लैडर एरिया में भारीपन
बेचैनी महसूस करना

किडनी स्टोन के दर्द के आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेद में किडनी स्टोन के दर्द के उपचार के लिए कुछ विशेष जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है। ये जड़ी-बूटियां पथरी को तोड़ने, सूजन कम करने और मूत्र प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

हर व्यक्ति के शरीर में किडनी स्टोन के लक्षण अलग हो सकते हैं। ऐसे में किडनी स्टोन के लक्षणों को देखते हुए इन इन जड़ी-बूटियों का चुनाव किया जाता है। किडनी स्टोन के दर्द से राहत पाने के लिए इन 5 जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है-

पाषाणभेद- यह जड़ी-बूटी पथरी को तोड़ने के गुणों के लिए जानी जाती है। यह धीरे-धीरे किडनी स्टोन को तोड़ने में सहायक है।
गोक्षुरा- यह औषधि मूत्र मार्ग की तकलीफ को शांत करने और मूत्र प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करती है।
वरुण- यह जड़ी-बूटी पथरी बनने के प्रोसेस को कम करने और किडनी के फंक्शन को बेहतर बनाने में सहायक है।
पुनर्नव- यह सूजन कम करती है और विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है।
कुलथी दाल- यह पारंपरिक रूप से छोटी पथरी को बाहर निकालने में सहायक मानी जाती है।

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग कैसे करें?
किडनी स्टोन के दर्द से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के उपयोग की विधि जानना जरूरी है। आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों का सेवन रोगी की स्थिति, रोग की गंभीरता और पाचन शक्ति के अनुसार अलग-अलग रूपों में किया जाता है। इन जड़ी-बूटियों का नियमित रूप से उपयोग करना होता है। बीच में उपचार बंद करने से समस्या का समाधान नहीं मिलता। पथरी के दर्द से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का इस तरह उपयोग किया जाता है-

पाषाणभेद और वरुण जैसी जड़ी-बूटियों से तैयार काढ़ा
गर्म पानी या शहद के साथ लिया जाने वाला पाउडर
सुविधाजनक हर्बल टैबलेट या कैप्सूल
कुलथी दाल के सूप को डाइट में शामिल करना

आयुर्वेदिक उपचार की समय-सीमा क्या है?पथरी के दर्द से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग करते समय अक्सर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि इस इलाज में कितना समय लगेगा। इसका जवाब है- पथरी के साइज, स्थान और रोगी की हेल्थ कंडीशन पर इलाज का समय निर्भर करता है।

आयुर्वेदिक उपचार के दौरान पथरी के दर्द और पेशाब संबंधी परेशानी से जल्दी आराम मिलता है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने के लिए धैर्य की जरूरत होती है। आयुर्वेद धीरे-धीरे काम करता है, अचानक नहीं।

छोटी पथरी कुछ हफ्तों में घुलना या निकलना शुरू हो सकती है।
मध्यम आकार की पथरी के लिए नियमित उपचार से 1 से 3 महीने का समय लग सकता है।
बड़ी या बार-बार होने वाली पथरी के लिए लंबे समय तक उपचार और खान-पान में परहेज की जरूरत होती है।

किडनी स्टोन में कैसी डाइट लें
किडनी स्टोन के बनने और उसकी रोकथाम दोनों में डाइट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इलाज के साथ-साथ डाइट में बदलाव बेहद जरूरी है। किडनी स्टोन से राहत पाने के लिए इन बातों पर ध्यान रखें-

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
नारियल पानी को डाइट में शामिल करें
रोज ताजे फल खाएं
हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं
जौ का पानी और हर्बल ड्रिंक पिएं

किडनी स्टोन में किन चीजों से परहेज करें
किडनी स्टोन से राहत पाने के लिए सही डाइट लेने के साथ ही ऐसी चीजों से परहेज करना जरूरी है जो पथरी के बढ़ने के कारण बन सकते हैं। किडनी स्टोन में इन चीजों से परहेज करें-

अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड
बहुत ज्यादा प्रोटीन युक्त आहार
खट्टी और मसालेदार चीजें
पैकेज्ड और कार्बोनेटेड ड्रिंक

किडनी में स्टोन है तो लाइफस्टाइल बदलें
लाइफस्टाइल शरीर द्वारा विषाक्त पदार्थों और मिनरल्स को संभालने के तरीके को प्रभावित करती है। लाइफस्टाइल में छोटे और नियमित बदलाव करके किडनी स्टोन से राहत पाई जा सकती है। इसके लिए-

लंबे समय तक पेशाब न रोकें
रेगुलर वर्कआउट करें
दिनभर बैठे न रहें
रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें
पर्याप्त नींद लें
तली-भुनी मसालेदार चीजें न खाएं
ध्यान और प्राणायाम से स्ट्रेस को कंट्रोल करें

किडनी स्टोन से बचने की तरकीब

किडनी स्टोन के दर्द के आयुर्वेदिक उपचार में अस्थायी राहत की बजाय रोग स्थायी इलाज पर जोर दिया जाता है। समस्या के मूल कारण का समाधान किया जाता है। सही जड़ी-बूटियों के नियमित उपयोग, संतुलित खान-पान और लाइफस्टाइल में कुछ आसान बदलाव करके किडनी स्टोन से राहत पाई जा सकती है। साथ ही इसके दोबारा होने की संभावना को भी कम किया जाता है। यह तुरंत ठीक करने वाला उपाय नहीं है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक रहता है।