सब्जियों के पौष्टिक तत्वों का पूरा लाभ उठाने के लिए यह जानना जरूरी है कि किन सब्जियों को कच्चा नहीं खाना चाहिए। साथ ही इस बात की जानकारी भी होनी चाहिए कि सब्जियों को पकाने का तरीका गट हेल्थ और इम्यूनिटी को कैसे प्रभावित करता है। इससे आप हेल्दी डाइट का चुनाव कर सकते हैं।
कौन सी सब्जियां कच्ची न खाएं
सभी सब्जियों को कच्चा खाना सही नहीं होता। कुछ सब्जियों में प्राकृतिक विषाक्त पदार्थ, पोषक तत्वों के विरोधी तत्व या ऐसे कंपाउंड होते हैं जो सब्जी को पकाने से निष्क्रिय हो जाते हैं। निम्नलिखित सब्जियों को कच्चा खाना हानिकारक हो सकता है-
- ब्रोकोली-फूलगोभी-पत्तागोभी- ब्रोकोली, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों में गोइट्रोजेन होते हैं, जो कच्चे रूप में अधिक मात्रा में सेवन करने पर थायरॉइड ग्रंथि के कार्य में बाधा डाल सकते हैं, खासकर आयोडीन की कमी वाले व्यक्तियों में। पकाने से इन कंपाउंड्स की मात्रा काफी हद तक कम हो जाती है।
- बैंगन- बैंगन में सोलानिन नामक एक प्राकृतिक विषैला पदार्थ होता है, जो कच्चा खाने पर आंतों में जलन पैदा कर सकता है।
- मशरूम- मशरूम को भी पकाकर खाना ही बेहतर है। इनमें ऐसे कंपाउंड होते हैं जिन्हें पचाना मुश्किल होता है और कच्चे रूप में ये हल्के विषैले भी हो सकते हैं।
- पालक और चुकंदर- पालक और चुकंदर के पत्ते पौष्टिक होते हैं, लेकिन इनमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो कैल्शियम को बांधकर किडनी में स्टोन का कारण बन सकते हैं, खासकर जब इन्हें अधिक मात्रा में कच्चा खाया जाए।
कच्ची सब्जियों का गट हेल्थ और इम्यूनिटी पर असर
कच्ची सब्जियां फाइबर, एंजाइम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। ये फायदेमंद तो होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये गट हेल्थ और इम्यूनिटी पर विपरीत असर डाल सकती हैं। जिन लोगों की आंतें संवेदनशील होती हैं, जिन्हें इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्या है या जिनका पाचन तंत्र कमजोर है, उन्हें अधिक मात्रा में कच्ची सब्जियां खाने से पेट फूलना, गैस और बेचैनी जैसी तकलीफ हो सकती है।
कच्ची सब्जियों में मौजूद कुछ पोषक तत्व, जैसे लेक्टिन और ऑक्सलेट, कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं। समय के साथ यह पोषण की स्थिति और इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है।
ठीक से न धोई गई कच्ची सब्जियों में ई. कोलाई या साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। सब्जियों को पकाकर खाने से डाइजेशन सुधरता, इन्फेक्शन से बचाव होता है सब्जियों की पौष्टिकता बनी रहती है।
कच्ची सब्जियां इम्यून सिस्टम के लिए पूरी तरह हानिकारक नहीं हैं। अगर इन्हें अच्छी तरह पचाया जाए, तो ये विटामिन सी, पॉलीफेनॉल और एंजाइम का बेहतरीन स्त्रोत हो सकती हैं और इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाती हैं। लेकिन हर व्यक्ति का डाइजेशन अच्छा नहीं होता, कई लोगों को कच्ची सब्जियां खाने से तकलीफ होती है।
सब्जियों को पकाने का सही तरीका क्या है?
सब्जियों के पौष्टिक गुण सुरक्षित रखने और उन्हें पाचन के लिए बेहतर बनाने के लिए उन्हें पकाने का तरीका महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सब्जियों को ज्यादा पकाने से विटामिन सी और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे गर्मी के प्रति संवेदनशील विटामिन नष्ट हो सकते हैं, लेकिन बहुत कम पकाने से उनमें मौजूद हानिकारक कम्पाउंड रह सकते हैं।
सब्जियों को भाप में पकाना सबसे अच्छा तरीका है। भाप सब्जियों में मौजूद फाइबर को नरम बनाती है, अधिकतर पोषक तत्वों को बनाए रखती है और घुलनशील विटामिन को नष्ट होने से बचाती है।
सब्जियों लो फैट ऑयल में हल्का भूनना भी अच्छा विकल्प है। इससे विटामिन ए, डी, ई और के जैसे वसा में घुलनशील पोषक तत्व अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं। इस तरीके से पकाने से सब्जियां नरम और स्वादिष्ट बनती हैं, उनकी कैलोरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण सुरक्षित रहते हैं.
सब्जियों को उबालने से उनके पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं, खासकर अगर पानी फेंक दिया जाए। हां, इस पानी का उपयोग यदि सूप या ग्रेवी में किया जाए तो इसके पोषक तत्व बरकरार रह सकते हैं।
भूनने और ग्रिल करने से सब्जी का स्वाद बढ़ता है, लेकिन पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं। हानिकारक कम्पाउंड से बचाने के लिए सब्जियों को मीडियम तापमान पर करना चाहिए।
सब्जियों के पोषक तत्वों को कैसे सुरक्षित रखें
कच्ची या पकी हुई सब्जियों के पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं-
- पकाने से पहले सब्जियों को हमेशा अच्छी तरह धोएं ताकि उन पर जमी गंदगी, कीटनाशक और रोगाणु निकल जाएं। लेकिन सब्जियों को लंबे समय तक पानी में भिगोकर न रखें। ऐसा करने से पानी में घुलनशील विटामिन निकल सकते हैं।
- सब्जियों को पकाने से ठीक पहले काटें। ऐसा करने से ऑक्सीकरण के कारण सब्जियों में मौजूद पोषक तत्वों की हानि कम होती है।
- सब्जियों को पकाते समय कम से कम पानी का प्रयोग करें। सब्जियों को ज्यादा न पकाएं। पकाते समय पैन को ढकने से खाना पकाने का समय बचता है और सब्जियों के विटामिन सुरक्षित रहते हैं।
- सब्जियों को लो फैट जैसे ऑलिव ऑयल की कुछ बूंदों या मुट्ठीभर ड्राई फ्रूट्स के साथ मिलाकर खाने से वसा में घुलनशील विटामिन अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं। विटामिन सी का स्रोत नींबू का रस मिलाने से आयरन का अवशोषण बढ़ सकता है।
बैलेंस डाइट है फायदेमंद
कच्ची और पकी हुई सब्जियों के बीच का विवाद किसी एक को चुनने का नहीं है, बल्कि यह समझने का है कि आपके शरीर के लिए सबसे अच्छा क्या है। कुछ सब्जियां कच्ची ही खानी अच्छी होती हैं, लेकिन कुछ सब्जियों को पकाना जरूरी होता है। अच्छी सेहत के लिए डाइट में वैरायटी लाएं। सिर्फ कच्चा सलाद या पकी हुई सब्जियां खाने की बजाय दोनों के मिश्रण को डाइट में शामिल करें। सब्जियों को पकाने का सही तरीका भोजन में स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ाता है।












































