असम विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। मतदान से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। उदलगुरी विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेन दैमारी ने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस लेते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उदलगुरी सीट पर सुरेन दैमारी का मुकाबला यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के दीपेन बोरो और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) के रिहोन दैमारी से था। अपने इस्तीफे के पीछे कारण बताते हुए सुरेन दैमारी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने आदिवासी समुदाय के लिए कोई ठोस काम नहीं किया है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी नजरअंदाज किया गया।
दैमारी ने बताया क्यों लिया यह फैसला
दैमारी के अनुसार, टिकट मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व की ओर से न तो कोई संवाद हुआ और न ही कोई सहयोग मिला। उनके फोन कॉल्स तक का जवाब नहीं दिया गया। इसके चलते उन्हें यह कठोर निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि वह उदलगुरी में कांग्रेस को मजबूत करना चाहते थे। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी का ध्यान सीमित है और वह सभी समुदायों, विशेषकर अनुसूचित जनजाति समूहों के हितों की अनदेखी कर रही है। उनके इस कदम से स्थानीय स्तर पर कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है।
कांग्रेस उम्मीदवार महानंदा सरकार का नामांकन खारिज
इसी बीच, बारपेटा से कांग्रेस उम्मीदवार महानंदा सरकार का नामांकन भी हाल ही में जांच के दौरान खारिज कर दिया गया था। बताया गया कि नामांकन प्रक्रिया में कुछ तकनीकी त्रुटियों के कारण यह फैसला लिया गया। वहीं, चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि मतदान पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा। आयोग ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनावी खर्च पर निगरानी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। सभी 31,490 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मतदान प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की जा सके।













































