चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में मेयर चुनाव को लेकर शुरू हुई सक्रियता ने गुरुवार को उस समय नया मोड़ ले लिया जब यहां आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षद बीजेपी में शामिल हो गई। बीजेपी को मेयर चुनाव से पहले मजबूती मिली है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में वॉर्ड नंबर 16 से पार्षद पूनम और वॉर्ड नंबर 4 से पार्षद सुमन शर्मा का स्वागत किया। उनके साथ चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
महिला पार्षदों ने कहा कि बीजेपी की विचारधारा पर विश्वास जताते हुए पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया। इस अवसर पर मेयर हरप्रीत कौर बबला ने दोनों पार्षदों का बीजेपी परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चंडीगढ़ सहित पूरे देश में विकास की नई दिशा तय हुई है और नए साथियों के जुड़ने से संगठन और अधिक मजबूत होगा। चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं। मेयर चुनाव में चंडीगढ़ सांसद का वोट भी मान्य होता है। इसके अलावा 9 पार्षद नॉमिनेटेड होते हैं, जिनके पास वोटिंग राइट्स नहीं हैं।
पूनम ने दूसरी बार थामा बीजेपी का दामन
चंडीगढ़ बीजेपी अध्यक्ष मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रेरित होकर दोनों पार्षदों ने बीजेपी का दामन थामा है। वहीं, पार्षद पूनम ने कहा कि आप में उन्हें फैसलों में शामिल नहीं किया जाता था और वह पार्टी में घुटन महसूस कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी की नीतियों और मेयर बबला के नेतृत्व में नगर निगम (MC) द्वारा किए गए विकास कार्यों से प्रभावित हूं। यह भी दिलचस्प है कि पूनम दूसरी बार बीजेपी में शामिल हुई हैं। इससे पहले भी वह आप छोड़कर बीजेपी में आई थीं, लेकिन कुछ दिनों बाद वापस आप में चली गई थीं।
बीजेपी के हुए 18 पार्षद
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मेयर चुनाव जीतने के लिए बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं था। अब, 35 सदस्यों वाले नगर निगम सदन में बीजेपी के पास 18 पार्षद हो गए हैं। चुनाव जीतने के लिए 19 वोटों की जरूरत होती है। कांग्रेस के पास छह पार्षद हैं, जबकि आप के पास अब केवल 11 पार्षद बचे हैं। चंडीगढ़ के सांसद भी कांग्रेस से हैं। उनके पास भी वोट देने का अधिकार है। पिछले चुनाव में कांग्रेस और आप ने मिलकर चुनाव लड़ा था। अब, बीजेपी और विपक्षी गठबंधन दोनों के पास 18-18 वोट हैं, जिससे अगला मेयर चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है।














































