गैस का दर्द उठना बेहद आम है। अक्सर भारी खाने के बाद, खाली पेट या अपच होने पर गैस की शिकायत होना आम है। अधिकतर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कल्पना कीजिए कि आप पेट में गैस बनने पर डॉक्टर के पास पहुंचे और उसे आपका इलाज करने के लिए बिजली के झटके देने पड़े तो यह आपकी सोच से बिल्कुल अलग होगा।
41 वर्षीय मरीज फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के इमरजेंसी में गैस की मामूली समस्या लेकर पहुंचा। लेकिन कुछ ही देर में हालत गंभीर हो गई और तुरंत जांच करनी पड़ीं। मरीज को कार्डियक एरिदमिया, कार्डियक अरेस्ट और प्रॉक्सिमल लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग हुआ था। आइए जानते हैं कि इन समस्याओं से पर्दा कैसे उठा।
हार्ट की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी बताने वाला टेस्ट
जब डॉक्टरों ने मरीज को ईसीजी करवाने के लिए कहा तो शुरुआत में मरीज अनिच्छापूर्वक तैयार हुआ। लेकिन दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी बताने वाला यह टेस्ट ही जान बचाने वाला साबित हुआ। इसमें डॉक्टरों को क्लासिक ‘शॉर्क फिन’ पैटर्न दिखा।
डॉक्टर ने क्या कहा
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम में इमरजेंसी मेडिसिन के हेड डॉ. मौहम्मद नदीम ने कहा, ‘मामूली बेचैनी से परेशान मरीज देखते ही देखते कार्डियक अरेस्ट का शिकार बन गया। लंबे समय तक पुनर्जीवित करने की कोशिशों, मल्टीपल शॉक्स और कार्डियक अरेस्ट के बाद किसी मरीज का जीवित बच पाना बेहद दुर्लभ होता है। इस मामले ने फिर यह याद दिलाया कि सीने की बेचैनी को नजरंदाज नहीं करना चाहिए।’
शॉर्क फिन का मतलब क्या है?
ईसीजी में शॉर्क फिन पैटर्न तब आता है, जब दिल को खून पहुंचाने वाली प्रमुख धमनी प्लाक से पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है। डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी एंजियोग्राफी की तो उसमें प्रॉक्सिमल लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी में भी 100 प्रतिशत ब्लॉकेज दिखी।
बिजली के 23 झटके
इमरजेंसी में मरीज को एडवांस सीक्वेंशियल डीफिब्रिलेशन के साथ बिजली के 23 झटके दिए गए। इसके अलावा हाई क्वालिटी सीपीआर, एयरवे स्टेबलाइजेशन और दिल के लिए दवाएं दी गईं। जब मरीज की हालत स्थिर हुई तो कैथ लैब ले जाकर इमरजेंसी में परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन देकर आर्टरी की ब्लॉकेज खोलकर हार्ट को ब्लड सप्लाई फिर से चालू की गई।
परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन क्या है?
परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन एक मिनीमली इंवेसिव प्रोसीजर होता है, जो ब्लॉक हो चुकी कोरोनरी हार्ट आर्टरी को खोलने के लिए किया जाता है। क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक इसका पुराना नाम स्टेंटिंग के साथ वाली कोरोनरी एंजियोप्लास्टी या केवल एंजियोप्लास्टी था।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।














































