बहुत से लोगों को ठंड के मौसम में खून की नसों में एलर्जी की समस्या हो जाती है, सवाल है कि ठंड से एलर्जी क्यों होती हैं और इसे कैसे ठीक करें? मेदांता हॉस्पिटल में वैस्कुलर सर्जन डॉक्टर राजीव परख के अनुसार, इस समस्या से बचने के लिए ठंड में बाहर निकलते समय मल्टी-लेयर कपड़े पहनें, पैरों में पहले कॉटन की जुराब और उसके ऊपर ऊनी जुराब जरूर पहनें, हाथ-पैर खुले न रखें और ठंडी हवा या बहुत ठंडी जगह में ज्यादा देर तक रहने से बचें।
डॉक्टर ने बताया कि बहुत से लोग सोचते हैं कि एलर्जी सिर्फ त्वचा पर ही होती है जैसे खुजली, लाल चकत्ते या रैशेज। लेकिन बहुत कम लोगों को यह पता होता है कि खून की नसों यानी ब्लड वेसल्स में भी एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है। यह कंडीशन गंभीर हो सकती है और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डॉक्टर ने बताया कि इस समस्या से बचने के लिए ठंड से बचाव बेहद जरूरी है। इसके लिए कुछ उपाय आजमा सकते हैं जैसे स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ दें क्योंकि यह खून की नसों को और ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। अगर हाथ-पैर बहुत ठंडे हो जाएं तो गुनगुने पानी की बोतल से धीरे-धीरे गर्मी दें। इसके अलावा प्रभावित हिस्से पर सीधे बहुत गर्म चीज लगाने से बचें क्योंकि इससे त्वचा और नसों को नुकसान हो सकता है।
डॉक्टर ने बताया (ref.) कि बहुत ज्यादा ठंड के मौसम में खून की नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है और कई बार पूरी तरह रुक भी सकता है, नसें सिकुड़कर बंद हो जाती हैं। जब नसों में सूजन आ जाती है या वे बंद हो जाती हैं, तो उस हिस्से में खून की सप्लाई कम हो जाती है और जब तक यह सप्लाई दोबारा शुरू नहीं होती, तब तक वह हिस्सा सुन्न, ठंडा या नीला पड़ सकता है।
डॉक्टर ने बताया कि कुछ लोगों में खून की नसों में एलर्जी की समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है। इन लोगों में ठंड या किसी एलर्जी के कारण अगर नसें बंद हो जाएं, तो यह कंडीशन गंभीर हो सकती है और टिश्यू को भी नुकसान हो सकता है।
जिन्हें डायबिटीज है
जो स्मोकिंग करते हैं
जिनकी नसें पहले से ही कमजोर या संकरी हैं
डॉक्टर ने बताया कि इस समस्या से बचने के लिए ठंड से बचाव बहुत जरूरी है। आप कुछ उपाय आजमाकर इससे समस्या से बच सकते हैं या कंडीशन को नॉर्मल कर सकते हैं।
ठंड में बाहर निकलते समय मल्टी-लेयर कपड़े पहनें
पैरों में पहले कॉटन की जुराब, उसके ऊपर ऊनी जुराब पहनें
हाथ-पैर खुले न रखें
ठंडी हवा या बहुत ठंडी जगह में ज्यादा देर न रहें
स्मोकिंग से पूरी तरह बचें क्योंकि यह नसों को और नुकसान पहुंचाती है
हाथ-पैर बहुत ज्यादा ठंडे हो जाएं तो गुनगुने पानी की बोतल का इस्तेमाल करें
सीधे बहुत गर्म चीज लगाने से बचें क्योंकि तेज गर्मी देने से त्वचा और नसों को नुकसान पहुंच सकता है
अगर ठंड से बचाव के बावजूद हाथ-पैरों में सुन्नपन बढ़ता जा रहा हो, दर्द हो, रंग बदलने लगे या सूजन दिखे और लक्षण धीरे-धीरे गंभीर होते जाएं, तो तुरंत डॉक्टर या वैस्कुलर स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
डॉक्टर डॉप्लर जैसी जांच के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि कौन-सी नस कितनी और कहां तक बंद हुई है, ताकि समय रहते सही इलाज शुरू किया जा सके।
अगर नस ज्यादा बंद हो गई हो तो इलाज के तौर पर हार्ट की तरह ही खून की नसों में बलूनिंग या स्टेंट डाला जा सकता है। इसके साथ खून को पतला करने वाली दवाएं दी जाती हैं ताकि ब्लड फ्लो बेहतर बना रहे। इस दौरान डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं नियमित और सही तरीके से लेना बहुत जरूरी होता है, तभी इलाज असरदार हो पाता है।
खून की नसों में एलर्जी या सूजन एक गंभीर समस्या है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ठंड, डायबिटीज और स्मोकिंग इसे और खतरनाक बना सकते हैं। सही समय पर सावधानी, बचाव और डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।












































