आंगनबाड़ी वर्कर का कत्ल: भतीजे ने खोला दरवाजा… मंजर देख बोला- बड़े पापा नाश हो गया; शरीर पर नहीं मिले आभूषण

parmodkumar

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सोनीपत के गांव सलीमसर ट्राली में जेवरात लूटने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर उषा (55) की हत्या कर दी गई। बदमाशों ने उषा के सिर और मुंह पर धारदार हथियार से हमला किया। इसके बाद अंगूठी, चेन और कान की बाली नोच कर ले गए।

वारदात के समय उषा पुराने घर में चक्की पर गेहूं की पिसाई कर रही थीं जबकि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से सेवानिवृत्त पति रामनिवास चौपाल में बैठे हुए थे। पुलिस ने पति रामनिवास की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर हत्याकांड के खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया है।

गांव सलीमसर ट्राली निवासी रामनिवास ने दर्ज एफआईआर में बताया है कि वह सोनीपत के मयूर विहार में नया घर बनवा रहे हैं। वर्तमान में वे परिवार सहित सोनीपत बाईपास पर किराए के मकान में रहते हैं और अक्सर गांव सलीमपुर ट्राली स्थित पैतृक घर में रहने आते रहते हैं।

वीरवार को भी दोनों पति-पत्नी गांव में ठहरे हुए थे। रामनिवास ने बताया कि वीरवार की दोपहर को वे गांव की चौपाल में चले गए। शाम को जब वह घर पहुंचे तो पत्नी नहीं दिखी। उन्होंने मोबाइल पर कॉल की तो फोन भी नहीं उठाया। इसी दौरान उनका भतीजा साहिल व छोटे भाई की पत्नी भी वहां आ गईं। वह साहिल को साथ लेकर चक्की वाले घर पर गए तो मुख्य दरवाजा बंद था। दरवाजा खोलते ही अंदर का दृश्य देख होश उड़ गए। उषा का लहूलुहान शव चक्की के पास फर्श पर पड़ा था।

शरीर पर नहीं मिले आभूषण, नोच रखा था कान

उषा के गले से सोने की चेन, कानों की बालियां और सोने की अंगूठी गायब थी। चेन का लॉकेट शव के नीचे पड़ा मिला जबकि बाली नीचे जाने के कारण एक कान फटा हुआ था। पुलिस ने पति के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर शव खानपुर भेजा। खानपुर में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

भतीजे साहिल ने खोला दरवाजा, मंजर देखते ही बोला-बड़े पापा नाश हो गया

सोनीपत के गांव सलीमपुर ट्राली में आंगनबाड़ी वर्कर उषा की हत्या के बाद सबसे पहले भतीजे साहिल ने खून से सना शव देखा था। दरवाजा खोलते ही खौफनाक मंजर देख उसकी चीख निकल गई। वह बोला-बड़े पापा नाश हो गया। इसके बाद हत्या की खबर फैलते ही पूरे गांव में सनसनी मच गई। उषा के पति रामनिवास दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) में चतुर्थ श्रेणी कर्मी रहे थे। वे चार साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। उषा की हत्या के बाद से वे खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। बार-बार आंखों से आंसू निकल रहे थे।

उन्होंने बताया कि वीरवार की दोपहर दोनों घर में अकेले थे। दोपहर डेढ़ बजे दोनों ने खाना खाया। उनका भतीजा साहिल अपनी मां के साथ उनसे मिलने आया था। भतीजे ने घर के बाहर अपनी गाड़ी भी पानी से साफ की थी। उसके बाद वह अपने घर में चले गए थे। उषा चक्की पर गेहूं पिसाई करने गई और वह चौपाल में चले गए। शाम को घर आए तो पत्नी नहीं थी। भतीजे साहिल संग तलाश करते हुए कमरे पर गए तो खून से सना शव मिला।

सामाजिक प्रवृत्ति की थीं उषा
उषा गांव सलीमसर ट्राली में ही आंगनबाड़ी वर्कर थीं। वह सामाजिक प्रवृत्ति की महिला थीं और गांव की महिलाओं की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं। किसी से कोई वैर-विरोध न होने के बावजूद उनकी इस तरह हत्या से मामला और भी रहस्यमय बन गया है। दिनदहाड़े हुई जघन्य वारदात से गांव में सभी हतप्रभ हैं। लोग स्तब्ध हैं कि उषा की इस तरह नृशंस हत्या कौन कर सकता है।

परिवार में दो बेटे और दो बेटियां
उषा के दो बेटे संदीप, अक्षय और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे संदीप दिल्ली में नौकरी करते हैं। छोटा बेटा अक्षय साइप्रस में पढ़ाई कर रहा है। अक्षय भी अभी घर आया हुआ है। दोनों बेटियों और बड़े बेटे संदीप की शादी हो चुकी है जबकि अक्षय अविवाहित है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया ताकि हमलावरों का सुराग लग सके। गांव और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी वर्कर हथियार व ठोस वस्तु से हमला कर हत्या की गई है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले के खुलासे के लिए मोहाना थाना प्रभारी, जांच अधिकारी और सीआईए गोहाना की टीम को लगाया गया है।-