शकरकंद एक बेहद फायदेमंद और पौष्टिक सब्जी है लेकिन इसे खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना जरूरी है। इसमें घातक केमिकल की मिलावट होती है, जो सेहत के लिए खतरनाक है, जानिए इसकी जांच कैसे कर सकते हैं।
सर्दियों का मौसम है और इन दिनों शकरकंद का खूब सेवन किया जाता है। मीठे स्वाद वाली यह सब्जी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस बनाना आसान है। इसे सलाद, उबालकर, चाट, या सब्जी के रूप में कई तरीकों से खाया जाता है।
शकरकंद एक पौष्टिक सब्जी है जिसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम, मैंगनीज और एंटीऑक्सीडेंट्स आदि लगभग सभी जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से शकरकंद खाने से आंखों की रोशनी और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने, पाचन सुधारने, दिल की सेहत बेहतर करने, कैंसर का खतरा कम करने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और वजन घटाने में मदद मिलती है।
यह सभी फायदे आपको तभी मिल सकते हैं, जब आप ताजा और असली शकरकंद खा रहे हों। बीते कुछ सालों में अपने पोषण और स्वास्थ्य लाभों की वजह से यह सब्जी काफी फेमस हुई है और इसे आलू का हेल्दी ऑप्शन माना जाता है। लेकिन बढ़ती मांग के कारण बाजार में मिलावटी या नकली शकरकंद भी बिक रहे हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
शकरकंद में मिलावट का खतरा
भारत में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता पर नजर रखने वाली संस्था FSSAI का मानना है कि शकरकंद में अक्सर रोडामाइन बी (Rhodamine B) नामक रासायनिक रंग मिलाया जाता है। यह एक सिंथेटिक डाई है, जिसका उपयोग कपड़ा, कागज, स्याही और लैब में किया जाता है। कारोबारी शकरकंद की बढ़ती डिमांड की वजह से इसे ज्यादा रंगीन या अच्छा दिखाने के लिए इस केमिकल का इस्तेमाल करते हैं और इसे महंगे दामों में बेचते हैं।
रोडामाइन बी खाने के नुकसान
NCBI पर प्रकाशित एक अध्ययन (ref.) के अनुसार, रोडामाइन बी खाने के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है और इससे कैंसर, अंगों को नुकसान जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। एफएसएसएआई के अनुसार, इस पर बैन लगा हुआ है और इसका इस्तेमाल फूड की प्रोसेसिंग, बिक्री या तैयारी में नहीं किया जा सकता है।
शकरकंद में मिलावट की जांच का तरीका
घर पर शकरकंद की शुद्धता कैसे जांचें
FSSAI ने शकरकंद की मिलावट जांचने का एक आसान घरेलू तरीका बताया है। सबसे पहले रूई का एक फाहा लें और उसे पानी या वनस्पति तेल में भिगो लें। अब शकरकंद की बाहरी सतह को इस रूई से रगड़ें। अगर रूई का रंग नहीं बदलता है, तो शकरकंद शुद्ध है। लेकिन अगर रूई का रंग लाल या बैंगनी हो जाए, तो समझ लें कि शकरकंद में मिलावट है।
कितनी ताकतवर सब्जी है शकरकंद?
यूएसडीए के अनुसार, 100 ग्राम उबले हुए शकरकंद में लगभग 80-86 कैलोरी होती हैं। इसमें करीब 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 4 ग्राम फाइबर, 1।6 ग्राम प्रोटीन और बहुत कम फैट होता है। शकरकंद विटामिन A से भरपूर होता है, साथ ही इसमें विटामिन C, पोटैशियम और कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
शकरकंद खाने के फायदे
शकरकंद में मौजूद विटामिन A आंखों की रोशनी और इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे एंथोसायनिन और कैरोटेनॉयड्स पाए जाते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और कैंसर, दिल की बीमारी और डायबिटीज जैसी पुरानी बीमारियों के खतरे को घटा सकते हैं। उबला हुआ शकरकंद लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होता है, जिससे यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन सुधारता है, कब्ज से राहत देता है और आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है।
शकरकंद से बनने वाली हेल्दी रेसिपीज
शकरकंद से कई टेस्टी और हेल्दी डिशेज बनाई जा सकती हैं। पतले स्लाइस काटकर एयर फ्रायर या ओवन में बनाए गए शकरकंद चिप्स हेल्दी स्नैक हो सकते हैं। टमाटर, प्याज और मसालों के साथ बना शकरकंद स्ट्यू पौष्टिक भोजन है। भुना हुआ शकरकंद, शहद और दालचीनी के साथ बनाया गया स्नैक, चीज और सब्जियों से भरा स्टफ्ड शकरकंद या लोडेड स्वीट पोटैटो स्किन जैसी रेसिपीज स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।















































