‘नकली 4K’ TV खरीदने तो नहीं जा रहे आप? एक गलती कर देगी मजा खराब और ध्‍यान द‍िया तो होगा फायदा

parmodkumar

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आपने हाल-फ‍िलहाल स्‍मार्ट टीवी खरीदा है या खरीदने की योजना बना रहे हैं? एक मिनट रुकिए। इन दिनों कंपनियां अपने 4K स्‍मार्ट टीवी का बहुत प्रचार कर रही हैं। ऑनलाइन वेबसाइटों पर आपको 20 हजार रुपये से कम में 4K टीवी बिकते हुए मिल जाएंगे। फीचर और ऑफर के लालच में गलती बिलकुल ना करें। आपके हाथ में ‘नकली 4K’ आ सकता है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्‍योंकि कंपनियां टीवी को 4K तो बताती हैं, लेकिन असली फीचर्स की बात नहीं करतीं जैसे- MEMC (मोशन एस्‍टीमेशन, मोशन कंपनसेशन)। रिफ्रेश रेट को भी छुपाया जाता है। यही वजह है कि जब खरीदकर घर आ जाता है तो पुराने टीवी और नए टीवी की पिक्‍चर क्‍वॉलिटी में ज्‍यादा फर्क दिखाई नहीं देता।

4K का मतलब सिर्फ पिक्‍सल काउंट नहीं
4K स्‍मार्ट टीवी को लेकर होने वाले दावों पर हमने एक्‍सपर्ट से बात की। उन्‍होंने बताया कि 4K का मतलब सिर्फ पिक्‍सल काउंट या टीवी के रेजॉलूशन तक सीमित नहीं है। यह उस तकनीक की बात भी करता है जो किसी टीवी के लिए जरूरी है, तभी वह असली 4K स्‍मार्ट टीवी बनता है।

यह पूछे जाने पर कि आजकल 20 हजार रुपये से कम में 4K स्‍मार्ट टीवी मिल रहे हैं, एक्‍सपर्ट ने कहा कि कभी उनका रिफ्रेश रेट देखा है। ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई टीवी 4K होकर भी सिर्फ 60 हर्त्‍ज का रिफ्रेश दे। एक्‍सपर्ट ने कहा कि असली 4K का मजा तो तभी है, जब टीवी में कम से कम 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट मिले। ऐसे टीवी पर गेमिंग भी आसानी से की जा सकेगी और पूरी स्‍मूदनेस के साथ विजुअल्‍स उभरेंगे। एक्‍सपर्ट के अनुसार, जो टीवी सिर्फ 4K रेजॉलूशन की बात करते हैं वो ग्राहकों को अपडेटेड डिस्‍प्‍ले तो दे देते हैं, लेकिन तकनीक में जीरो होते हैं।

सस्‍ते 4K टीवी में क्‍या दिक्‍कतें आएंगी?
एक्‍सपर्ट ने बताया कि अगर कोई टीवी सस्‍ता मिल रहा है और 4K है तो ज्‍यादातर ग्राहकों को शार्पनेस मिलेगी, लेकिन कलर्स फीके महसूस होंगे। ऐसे टीवी में जब भी कोई दौड़ने-भागने वाला सीन आता है या क्र‍िकेट वगैरह देखा जाए तो धुंधली परछाई सी महसूस होती है, क्‍योंकि सिर्फ डिस्‍प्‍ले 4K होता है, तकनीक पुरानी रहती है।

MEMC टेक्‍नोलॉजी वाले स्‍मार्ट टीवी के फायदे?
एक्‍सपर्ट ने बताया कि मौजूदा समय में ज्‍यादातर टीवी शो या फ‍िल्‍में 24 या 30 फ्रेम प्रति सेकंड पर शूट होती हैं। 20 या 30 हजार वाले आपके 4K टीवी का रिफ्रेश रेट अगर 60 हर्त्‍ज ही हुआ तो टीवी पर फ्रेम मैच नहीं होंगे और एक जर्क सा महसूस होगा। उन्‍होंने बताया कि MEMC टेक्‍नोलॉजी इसका सॉल्‍यूशन है। इस तकनीक की मदद से दो असली फ्रेम के बीच एक आर्टिफ‍िशियल फ्रेम ऐड कर द‍िया जाता है ताकि विजुअल्‍स स्‍मूद लगें। इसका फायदा यह होता है कि जब आप दौड़ने वाले सीन देखते हैं या क्रिकेट की बॉल को बैट्समैन की ओर जाते हुए देखते हैं तो वह लहराती हुई दिखती है ना कि फ्रेम जर्क होता है। इसे आसान भाषा में मोशन स्‍मूदनेस भी कहा जाता है।

120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट होने के फायदे?
एक्‍सपर्ट ने बताया कि 4K टीवी खरीदने वाले लोगों को कम से कम रिफ्रेश रेट पर तो ध्‍यान देना ही चाहिए। उन्‍होंने कहा कि 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट होने से MEMC तकनीक की जरूरत कम हो जाएगी। 120 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट होने से टीवी में गेमिंग का एक्‍सपीरियंस भी शानदार रहेगा। नई फ‍िल्‍मों को देखने में मजा आएगा। कुल मिलाकर एक्‍सपर्ट ने यह निष्‍कर्ष निकाला कि अगर कोई ग्राहक सच में 4K टीवी को एक्‍सपीरियंस करना चाहता है तो सिर्फ रेजॉलूशन देखकर टीवी खरीदने की एक गलती ना करे। उसके रिफ्रेश रेट और डिस्‍प्‍ले तकनीकों पर भी ध्‍यान दे।