पैरों में जलन-झुनझुनी, सुई चुभने का एहसास नॉर्मल नहीं, ये हो सकता है डायबिटीज-किडनी रोग का संकेत

parmodkumar

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पैरों में जलन एक आम लक्षण है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये रोग का संकेत हो सकता है। पैरों में जलन के एहसास को बर्निंग फीट सिंड्रोम कहते हैं। पैरों के तलवों में कई वजहों से जलन हो सकती है जैसे विटामिन बी12 की कमी, हार्मोनल बदलाव, डायबिटीज या किडनी के रोग। सही कारण जानकर इसका उचित इलाज किया जा सकता है। इस लेख में हम पैरों में जलन के कारण, लक्षण और बचने के उपाय बता रहे हैं।

पैरों में जलन की वजहें
पैरों में जलन की कई वजहें हो सकती हैं। कभी कभार पैरों में जलन होना नॉर्मल है, लेकिन लंबे समय जलन बरकरार रहे तो ये किसी रोग का संकेत हो सकता है। आमतौर पर पैरों में जलन के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं- डायबिटीज- जिन लोगों को डायबिटीज है उनका बढ़ा हुआ शुगर लेवल छोटी नसों (पेरिफेरल न्यूरोपैथी) को नुकसान पहुंचाता है, जिससे पैरों में जलन, झुनझुनी या सुई चुभने जैसा अनुभव हो सकता है।

किडनी के रोग- क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित लोगों के शरीर में विषाक्त पदार्थों का जमाव नसों को उत्तेजित कर पैरों में जलन पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत जांच कराना जरूरी है।

विटामिन बी12 की कमी- शरीर में विटामिन बी12 (और अन्य बी विटामिन) की कमी का असर नसों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे नसों की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और पैरों में जलन, सुन्नपन या झुनझुनी की तकलीफ होने लगती है।

हाइपोथायरायडिज्म- थायरॉइड हार्मोन का स्तर कम होने से नर्व कंडक्शन धीमा हो जाता है, जिससे पैरों में जलन की समस्या हो सकती है।

रक्त संचार की कमी- रक्त प्रवाह कम होने से नसों और टिशू को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इससे बेचैनी, भारीपन या पैरों में जलन महसूस हो सकती है।

न्यूरोलॉजिकल वजहें- डायबिटीज, शराब पीना, दवाइयों का सेवन और नर्व डैमेज होने की स्थिति में पैरों में जलन, झुनझुनी या सुन्न होने जैसी असामान्य संवेदनाएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में रोग का इलाज करने से पैरों में जलन होना बंद हो जाता है।

खराब लाइफस्टाइल से पैरों में जलन
रोगों के अलावा खराब लाइफस्टाइल के कारण भी पैरों में जलन हो सकती है। लाइफस्टाइल से जुड़े ये कारण पैरों में जलन की समस्या को बढ़ाकर असुविधा पैदा कर सकते हैं-

टाइट या खराब फिटिंग वाले जूते
लंबे समय तक खड़े रहना
पैरों के तालुवों में अत्यधिक पसीना
पैरों के तालुवों में फंगल इन्फेक्शन

समस्या का कारण जानें

पैरों में जलन से बचने के लिए सबसे पहले उसका कारण जानें। डायबिटीज के रोगी शुगर लेवल कंट्रोल करके इस समस्या से राहत पा सकते हैं। विटामिन की कमी दूर करने के लिए हेल्दी डाइट लें। थायराइड के रोगी नियमित दवा लें, ताकि थायराइड को कंट्रोल किया जा सके। इससे पैरों में जलन की तकलीफ से राहत मिलेगी। ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दें। सही उपचार से पैरों में जलन की समस्या से बचा जा सकता है।

पैरों में जलन से बचने के उपाय
पैरों में जलन से कुछ समय के लिए आराम पाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं-

ठंडे पानी में पैर भिगोएं
एप्सम सॉल्ट मिले पानी में पैर भिगोएं
आरामदायक और हवादार जूते पहनें
टाइट या खराब फिटिंग वाले जूते न पहनें

पैरों में जलन को नजरअंदाज न करें

अगर पैरों में लगातार जलन, झुनझुनी, सुई चुभने का एहसास बना रहता है, समस्या बढ़ती जा रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये गंभीर रोग के संकेत हो सकते हैं। पैरों में जलन के कारण नींद पूरी न हो पाए या रोज के काम करना मुश्किल हो जाए, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। जल्दी इलाज से रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसके साथ ही लाइफस्टाल में बदलाव करके पैरों में जलन की समस्या से राहत पाई जा सकती है।