चंडीगढ़ को 29 जनवरी को मिलेगा नया मेयर, ‘शो ऑफ हैंड्स’ से होगा चुनाव, जानें किसका पलड़ा भारी

parmodkumar

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चंडीगढ़: शहर को 29 जनवरी को नया मेयर मिलने जा रहा है। मेयर चुनाव के लिए अधिकृत अधिकारी डिप्टी कमिश्नर हैं। उन्होंने इसकी औपचारिक घोषणा की। इस चुनाव के लिए डॉ. रामनीक सिंह बेदी को प्रेजाइडिंग अथॉरिटी नियुक्त किया गया है। वे 29 जनवरी को होने वाली नगर निगम की विशेष बैठक की अध्यक्षता करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी चुनाव प्रक्रिया कानून, निर्धारित नियमों और स्वीकृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के अनुसार संपन्न हो। शुक्रवार को डिप्टी कमिश्नर ने चंडीगढ़ नगर निगम कार्यालय का दौरा कर चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने डीसी को प्रशासनिक, प्रक्रियात्मक, लॉजिस्टिकल और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू, निष्पक्ष और कानूनी तरीके से कराई जाए।

कैसे होगा चुनाव
अधिकारियों ने बताया कि पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1976 और चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन रेगुलेशंस 1996 के प्रावधानों के तहत मेयर का चुनाव ‘शो ऑफ हैंड्स’ यानी हाथ उठाकर मतदान की प्रक्रिया से होगा। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत एसओपी को अंतिम रूप दिया गया है, जिसमें वोटिंग से पहले की तैयारी, मतदान का क्रम, हाथ उठाने की प्रक्रिया, वोटों की गिनती, सत्यापन और परिणामों की घोषणा तक के सभी चरण शामिल हैं।

वीडियो रिकॉर्डिंग होगी
एसओपी के अनुसार, जब पार्षदों से उनकी पसंद पूछी जाएगी तो उन्हें अपना हाथ स्पष्ट रूप से उठाना होगा। वोटों की गिनती दृश्य रूप से की जाएगी और मौखिक पुष्टि भी की जाएगी। किसी भी विवाद से बचने के लिए वोटों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिसमें रजिस्टर में एंट्री और बैठक के मिनट्स में रिकॉर्डिंग शामिल होगी। डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिए कि पूरी चुनाव प्रक्रिया की बिना किसी एडिटिंग के लगातार वीडियोग्राफी कराई जाए। वीडियो रिकॉर्ड को कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा। पारदर्शिता के लिए मीडिया को भी चुनाव कवर करने और जहां संभव हो लाइव फीड देने की अनुमति दी जाएगी।

किसका पलड़ा भारी
बता दें की वर्तमान में बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला चंडीगढ़ की मेयर हैं। इस समय मेयर चुनाव जीतने के लिए बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। पिछले दिनों आप के दो पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। अब 35 सदस्यों वाले नगर निगम सदन में बीजेपी के पास 18 पार्षद हो गए हैं। चुनाव जीतने के लिए 19 वोटों की जरूरत होती है। कांग्रेस के पास छह पार्षद हैं, जबकि आप के पास अब केवल 11 पार्षद बचे हैं। चंडीगढ़ के सांसद भी कांग्रेस से हैं। उनके पास भी वोट देने का अधिकार है। पिछले चुनाव में कांग्रेस और आप ने मिलकर चुनाव लड़ा था। अब, बीजेपी और विपक्षी गठबंधन दोनों के पास 18-18 वोट हैं, जिससे अगला मेयर चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है।