कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: झंडू कुमार के ऐतिहासिक कांस्य पर PM Narender Modi ने दी बधाई| कहा- पूरे देश को किया गौरवान्वित

Parmod Kumar

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो में चल रहे 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाले झंडू कुमार को बधाई दी है। झंडू कुमार के इस पदक के साथ ही भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदकों का खाता भी खुल गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए झंडू कुमार की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने लिखा, ‘कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा पावरलिफ्टिंग में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने पर झंडू कुमार को बधाई। उनकी उपलब्धि अपार शक्ति, अटूट संकल्प और वर्षों की अनुशासित मेहनत का सशक्त प्रतीक है। हर चुनौती को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।

वहीं, भारतीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार के कोच राजिंदर सिंह रहलू ने कहा कि टीम का लक्ष्य कांस्य नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक जीतना था। हालांकि, राष्ट्रमंडल खेल 2026 में हल्की गणना की गलती और आपसी संवाद (मिसकम्युनिकेशन) के कारण झंडू शीर्ष स्थान हासिल करने से चूक गए। पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में झंडू कुमार ने अपने दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। रहलू ने कहा, ‘हमें पहले से पता था कि स्वर्ण पदक के लिए कितना वजन उठाना होगा। हमने पूरी गणना कर रखी थी और हमारा लक्ष्य भी स्वर्ण था, लेकिन किसी कारणवश वह हासिल नहीं हो सका।’

कोच ने बताया कि स्वर्ण पदक की दौड़ बेहद कड़ी थी, लेकिन असली वजह प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि आपसी तालमेल में हुई छोटी-सी चूक रही। उन्होंने कहा, ‘स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला काफी कठिन था, जैसा कि सभी ने देखा। लेकिन असली कारण यही नहीं था। यह सिर्फ मिसकम्युनिकेशन था। मैं खिलाड़ी से थोड़ा दूर था और वजन की गणना में थोड़ी दिक्कत हुई। जैसा आपने देखा, हम सिर्फ दो अंकों से स्वर्ण पदक से चूक गए।’

रहलू ने बताया कि पैरा पावरलिफ्टिंग में मामूली अंतर भी नतीजा बदल सकता है। उन्होंने कहा, ‘दो अंकों का मतलब करीब 2-3 किलोग्राम का अंतर होता है। ऐसे करीबी मुकाबलों में शरीर की क्षमता और सही रणनीति बहुत मायने रखती है। गणना में थोड़ी-सी गलती हो गई। लेकिन कोई बात नहीं, हमने पदक जीता और भारत का खाता खोला, यह भी बहुत बड़ी बात है।’

झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम का अपना सर्वश्रेष्ठ सफल भार उठाकर 130.9 अंक हासिल किए और कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने पहले प्रयास में 181 किलोग्राम वजन उठाकर 124.7 अंक हासिल किए। दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाकर वह कुछ समय के लिए शीर्ष पर पहुंच गए। तीसरे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की। यदि वह सफल हो जाते तो बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों का मीट रिकॉर्ड भी टूट जाता। हालांकि, वह यह प्रयास पूरा नहीं कर सके और अंत में कांस्य पदक के साथ प्रतियोगिता समाप्त की।