रोहतक: हरियाणा की रोहतक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ऐलान किया है कि बुढ़ापा पेंशन काटने के खिलाफ 15 फरवरी को सोनीपत में विशाल प्रदर्शन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अब बुजुर्गों के हक और सम्मान पर प्रहार कर रही है, जिसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने करीब 4 माह पहले बुढ़ापा पेंशन 200 रुपए बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक वो मिल नहीं पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार जिला-वार आंकड़े जारी करके बताए कि कितने बुज़ुर्गों की पेंशन बंद या काटी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार 3 लाख रुपये आयु सीमा के कैप लगाकर लाखों बुजुर्गों के बुढ़ापे का सम्मान बुढ़ापा पेंशन काटने की तैयारी में है। एक अनुमान के मुताबिक ऐसा होने पर करीब 7 लाख 22 हजार बुजुर्गों की पेंशन कट जाएगी।
सरकार की खेल नीति की आलोचना की
दीपेंद्र हुड्डा सुडाना गांव में एक खेल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव के बाद पहले गरीबों के राशन कार्ड काटे और अब प्रदेश में बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है। बुढ़ापा पेंशन कोई भीख नहीं है, यह बड़े बुजुर्गों का मान-सम्मान है। वे बुजुर्गों की पगड़ी झुकने नहीं देंगे। सडक से लेकर संसद और विधानसभा तक इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस सांसद ने प्रदेश सरकार की खेल नीति की भी आलोचना की।
बीजेपी सरकार ने खेल नीति को ही खत्म किया: हुड्डा
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने खेल नीति को ही खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी देश का होता है और पदक जीतकर देश का नाम रोशन करता है। इसलिए खेल और खिलाड़ी को किसी भी राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और ओलंपिक्स में 50 प्रतिशत मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करता है। लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के आयोजन की मेजबानी के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा की बजाय गुजरात का चयन किया है। जिससे गुजरात में लाखों करोड़ का निवेश होगा और वहीं पर खेल ढांचा तैयार होगा। अगर हरियाणा को सह-मेजबान राज्य बनाया जाए तो खेल का ढांचा, स्टेडियम और डेवलपमेंट पर लाखों करोड़ का खर्च हरियाणा में होगा। खेलो इंडिया में भी हरियााण को सबसे कम बजट दिया गया है।













































