E20 फ्यूल से हुई कार खराब तो उपभोक्ता आयोग ने नई गाड़ी देने के दिए निर्देश, मारुति सुजुकी ने कहा- ईंधन में मिलावट के सबूत मिले हैं!

parmodkumar

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मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा में ई20 फ्यूल की वजह से आई खराबी के बाद रायपुर कंस्यूमर कमीशन द्वारा डीलर और कंपनी को ग्राहक को नई कार देने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मारुति सुजुकी ने बयान जारी कर कहा है कि ग्राहक को ई20 कंपैटिबल कार मिली थी और गाड़ी से मिले फ्यूल में मिलावट (contamination) के सबूत मिले हैं।

Maruti Suzuki On Grand Vitara Replacement ‌Bcz Of E20 Fuel: मारुति सुजुकी ने ई20 पेट्रोल की वजह से ग्रैंड विटारा के खराब होने और रायपुर डिस्ट्रिक्ट कंस्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन द्वारा ग्राहक को नई कार देने से जुड़े आदेश पर चुप्पी तोड़ी है। कंपनी का कहना है कि ग्राहक ने जो ग्रैंड विटारा खरीदी थी, वह ई20 कंपैटिबल है और कार के फ्यूल को जांच करने से पता चलता है कि उसमें मिलावटी ईंधन का इस्तेमाल किया गया है। मारुति सुजुकी ने यह भी कहा कि वह कानून के अनुसार इस मामले को हायर फोरम में चुनौती देंगे।

आपको बता दें कि हाल ही में बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप ने भी अपनी टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस के इंजन में भी खराबी की बात कही थी और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल, यानी ई20 फ्यूल को इसकी वजह बताया था, जिसके बाद सरकार और कार कंपनी की तरफ से मिलावटी तेल को वजह बताए जाने की बात निकली थी और अब जब कंस्यूमर कमीशन ने रायपुर विवाद में मारुति सुजुकी को घेरे में लिया तो अब यह कंपनी भी मिलावटी फ्यूल को इसकी वजह बताते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है।

ओनर्स मैनुअल में पूरी जानकारी: मारुति सुजुकी

अब आपको शिकायतकर्ता डॉ. प्रेमराज देबता की जून 2024 में खरीदी मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार में खराबी आने को लेकर मारुति सुजुकी के ऑफिशियल स्टेटमेंट के बारे में बताएं तो कंपनी ने ग्राहक के दावे का खंडन करते हुए कहा कि जिस कार का मामला है, वह पहले से ही E20 कंपैटिबल थी और इसके बारे में ओनर्स मैनुअल में पूरी जानकारी दी गई थी। मारुति सुजुकी का तर्क है कि ग्राहक के वाहन से एकत्रित किए गए ईंधन में मिलावट के सबूत मिले हैं।

ग्राहक पर अधूरी जानकारी का आरोप

मारुति सुजुकी ने कहा है कि उपभोक्ता आयोग के आदेश में कई अन्य प्रासंगिक तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है और ग्राहक ने पूरी जानकारी नहीं दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वे कानून के अनुसार इस आदेश को उचित उच्च मंच में चुनौती देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। साथ ही कंपनी ने अपनी इंजीनियरिंग और ग्राहकों की संतुष्टि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

क्या है मामला

आखिर में आपको बता दें कि यह घटनाक्रम उस मामले से संबंधित है, जहां रायपुर के उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को एक दोषपूर्ण कार के बदले नई E20-अनुरूप कार देने या भुगतान वापस करने का निर्देश दिया था। डॉ. प्रेमराज देबता ने जून 2024 में यह हाइब्रिड कार खरीदी थी, जो 21913 किलोमीटर चलने के बाद ही इंजन में बार-बार आने वाली खराबी के कारण बंद हो गई। वहीं, इस मामले में कंपनी कुछ और ही कह रही है। अब मारुति सुजुकी का यह आधिकारिक रुख दर्शाता है कि विवाद का समाधान अभी बाकी है और मामला अब उच्च कानूनी स्तर पर आगे बढ़ेगा। यह मामला इस बात पर केंद्रित है कि क्या इंजन की खराबी तकनीकी दोष के कारण थी या फ्यूल क्वॉलिटी के कारण।