हरियाणा के पलवल में हलचल मची है। गांव छांयसा में बुखार के कारण कई बच्चों की मौत की खबर से हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने एहतियातन निगरानी बढ़ा दी है और संभावित संक्रमण को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
छांयसा में 865 घरों में 5,728 लोग रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग को पीलिया से होने वाली मौतों की पहली सूचना 31 जनवरी को मिली, जिसके बाद एक चिकित्सा अधिकारी और एक फील्ड टीम ने गांव का सर्वेक्षण किया।
नूंह में कराए गए थे भर्ती
जांच रिपोर्ट में मृत्यु के कारणों को तेजी से किडनी फेल होना पाया गया। पता चला कि पीलिया के साथ तीव्र हेपेटाइटिस, किडनी एन्सेफेलोपैथी, अग्नाशयशोथ और सेप्सिस ने लोगों की जान ली। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अधिकांश रोगियों को मृत्यु से पहले बुखार, पेट दर्द, उल्टी, पीलिया और चेतना में परिवर्तन जैसे लक्षण दिखाई दिए। बीमारी से मरने वाले मरीजों में हुज़फ़ (9), पायल (9), सारिक (14), हुमा (15), दिलशाद (22), शम्सुद्दीन (42) और जमीला (65) शामिल हैं। उन्हें नूह के नलहार स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी के मरीजों पर विशेष नजर रखने व टेस्ट कराने के आदेश सभी स्वास्थ्य केंद्रों को दिए गए हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों के पैडियाट्रिक (बाल रोग) विशेषज्ञों को अलर्ट जारी किया गया है।
मेडिकल टीम कलेक्ट कर रही सैंपल्स
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, छांयसा गांव में पिछले कुछ दिनों से बच्चों में तेज बुखार, उल्टी और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ रहे थे। कुछ बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौतों के कारणों की स्पष्ट जानकारी के लिए मेडिकल टीम द्वारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम गांव में कैंप कर रही है और घर-घर जाकर सर्वे कर रही है।
रैपिड एक्शन टीम बनी
1 फरवरी को रैपिड एक्शन टीम तैनात की गई। अगले दिन से चिकित्सा शिविर और घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू किए गए। गांव में पेयजल स्रोतों के जीवाणु परीक्षण भी शुरू किए गए। पलवल के मुख्यमंत्री डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने TOI को बताया कि हमने अब तक 800 ओपीडी आयोजित की हैं। हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस ई, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी के लिए स्क्रीनिंग और रक्त के नमूने लिए गए, साथ ही सुरक्षित पेयजल और खाद्य स्वच्छता पर सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चलाए गए। मृतकों के सभी करीबी संपर्कों सहित लगभग 1,500 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
फरीदाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि बुखार के मरीजों की तुरंत जांच की जाए और संदिग्ध मामलों की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। साथ ही आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर बच्चों की सेहत पर नजर रखने और साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ ने जारी की अपील
सीएमओ ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चे को तेज बुखार होने पर लापरवाही न बरतें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। उन्होंने साफ पानी पीने, आसपास पानी जमा न होने देने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल टीम तैनात करने की बात कही है।












































