गुरुग्राम: दिल्ली से सटे गुरुग्राम में पुलिस ने गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। अब हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक के उलट वाहन चलाने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक ऐसे मामलों में केवल जुर्माना लगाया जाता था और आपराधिक मामला बहुत ही असाधारण परिस्थितियों में दर्ज किया जाता था, लेकिन बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए नीति में बदलाव किया गया है। पुलिस का कहना है कि गलत दिशा में वाहन चलाना शहर में दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हो गया है।
नियम तोड़ने वालों को किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी
पुलिस ने आगे कहा कि इसी वजह से अब ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, जो लापरवाह और खतरनाक ड्राइविंग, लापरवाही से मौत और परिस्थितियों के अनुसार अन्य अपराधों से संबंधित हैं। यह कार्रवाई अब सख्त और लगातार की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, यह सख्ती खास तौर पर नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे और प्रमुख आर्टेरियल सड़कों पर देखने को मिलेगी, जहां गलत दिशा में वाहन चलाने से बड़े हादसों का खतरा बना रहता है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने वालों को किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
2025 में काटे गए 2 लाख वाहनों के चालान
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान गुरुग्राम में करीब 2 लाख वाहनों के चालान गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों में काटे गए। इसके बावजूद आदतों में सुधार नहीं हुआ, जिससे सड़क सुरक्षा को गंभीर चुनौती बनी हुई है। गुरुग्राम पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की जान खतरे में न डालें। पुलिस का कहना है कि सख्ती का उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि हादसों को रोककर सड़कों को सुरक्षित बनाना है।














































