हुंडई की फैक्ट्री में इंसानी रोबोट के लगते ही तमतमाए कर्मचारी, बोले- उसे नहीं करने देंगे काम

parmodkumar

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Hyundai Motor Union Humanoid Robot Protest: हुंडई की फैक्ट्री में इंसानी रोबोट के आने से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। दक्षिण कोरिया स्थित हुंडई मोटर प्लांट में कर्मचारियों के यूनियन ने फैक्टरी में ह्यूमनॉइड रोबोट को तैनात करने का कड़ा विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि जब तक मजदूरों और मैनेजमेंट के बीच कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक किसी भी इंसानी रोबोट को प्रोडक्शन लाइन में काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह फैसला करीब 40 हजार सदस्यों वाली यूनियन ने अपनी वेबसाइट पर जारी किया है। यूनियन को डर है कि कंपनी लेबर कॉस्ट कम करने के लिए रोबोट ला रही है, जिससे उनकी नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।

न्यूज एजेंसी योनहाप के हवाले से पब्लिश आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, यूनियन का मानना है कि कंपनी का नया ह्यूमनॉइड रोबोट, जिसका नाम ‘एटलस’ है, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में खलबली मचा रहा है। इस रोबोट के आने से हुंडई के लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस एटलस रोबोट को इसी साल जनवरी की शुरुआत में अमेरिका स्थित लास वेगास में हुए सीईएस 2026 इवेंट में दिखाया गया था।

हुंडई मोटर यूनियन ने साफ तौर पर कहा है कि कंपनी प्रोडक्शन सुविधाओं में लेबर कॉस्ट कम करने के लिए एआई रोबोट लाने की कोशिश कर रही है। यूनियन की सहमति के बिना किसी भी तैनाती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि यह रोबोट हुंडई मोटर की ही एक कंपनी बोस्टन डायनैमिक्स ने बनाया है। एटलस बिल्कुल इंसानों जैसा दिखता है, जिसके दो हाथ और दो पैर हैं।

हुंडई मोटर कंपनी की भविष्य की योजनाओं के बारे में भी यूनियन ने चिंता जताई है। हुंडई मोटर ग्रुप अमेरिका में 2028 तक एक ऐसी फैक्ट्री बनाने की सोच रहा है, जहां हर साल 30 हजार एटलस रोबोट बनाए जाएंगे। इन रोबोट्स का इस्तेमाल प्रोडक्शन के कामों में किया जाएगा। इसके अलावा यूनियन को इस बात की भी चिंता है कि विदेशों में प्रोडक्शन बढ़ने से देश में नौकरियों पर बुरा असर पड़ रहा है।

यूनियन का कहना है कि दो घरेलू प्लांट्स पहले से ही प्रोडक्शन वॉल्यूम की कमी से जूझ रहे हैं, क्योंकि आउटपुट जॉर्जिया में हुंडई मोटर ग्रुप मेटाप्लांट अमेरिका में ट्रांसफर किया जा रहा है। यूनियन के मुताबिक, कंपनी की योजना साल 2028 तक वहां का सालाना उत्पादन एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख वाहन करने की है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि कंपनी घरेलू उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा विदेश ले जाने की तैयारी में है। (सोर्स- आईएएनएस)