दुनियाभर में पिछले कई सालों से फ्लाइंग कारों यानी कि हवा में उड़ने वाली कारों की खूब चर्चा हो रही है। कई कंपनियां ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं जिससे कारों को हवा में उड़ाया जा सके। अब यह जल्द ही हकीकत में बदल सकता है, यानी कि जल्द ही कारें हवा में उड़ती हुई दिखाई दे सकती हैं। अमेरिका में इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है और जल्द ही वहां पर फ्लाइंग टैक्सी सर्विस की शुरुआत हो सकती है। एयर टैक्सी सर्विस की शुरुआत होने से लोगों को ट्रैफिक से दो-चार नहीं होना पड़ेगा और लोगों को शहर के अंदर यात्रा करने में आसानी होगी। आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं।
जल्द शुरु हो सकती है उड़ान
अमेरिका में जल्द ही एयर टैक्सी सर्विस की शुरुआत हो सकती है। अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग इंटीग्रेशन पायलट प्रोग्राम (eIPP) के तहत 8 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इसका मकसद 2026 की गर्मियों तक उड़ने वाली इलेक्ट्रिक टैक्सियों (eVTOL) का कॉमर्शियल इस्तेमाल शुरू करना है। इसका मतलब है कि जल्द ही हवा में टैक्सी उड़ती हुई दिख सकती हैं।
क्या है यह नया eIPP प्रोग्राम?
eIPP प्रोग्राम का मकसद बिजली से चलने वाले eVTOL एयक्राफ्ट्स को बढ़ावा देना है। यह इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग एयरक्राफ्ट्स होते हैं, जो हेलिकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उड़ सकते हैं और लैंड कर सकते हैं। इन्हें उड़ान भरने और उतरने के लिए हैलीपैड की जरूरत नहीं होती है। इस प्रोग्राम के लिए 30 से ज्यादा प्रस्ताव आए थे, जिनमें से 8 सबसे बेहतरीन प्रोजेक्ट्स को चुना गया है। ये प्रोजेक्ट्स अमेरिका के 26 राज्यों में काम करेंगे, जहां उड़ने वाली टैक्सियों का में टेस्ट किया जाएगा।
कहां-कहां उड़ेंगी ये फ्लाइंग टैक्सी?
इन फ्लाइंग टैक्सी का इस्तेमाल कई तरह के कामों के लिए किया जाएगा। न्यू यॉर्क और न्यू जर्सी पर मैनहट्टन के हेलीपोर्ट से यात्रियों के लिए टैक्सी सर्विस शुरू होगी। यात्रियों को लाने और ले जाने के अलावा इनका यूज सामान की डिलीवरी और मेडिकल इमरजेंसी सर्विसिस के लिए भी किया जाएगा। आर्चर एविएशन के CEO का कहना है कि यह वायमो (Waymo) की सेल्फ-ड्राइविंग कारों की तरह होगा। पहले कुछ खास इलाकों में सुरक्षित तरीके से इसकी शुरुआत होगी और फिर धीरे-धीरे इसे पूरे देश में फैलाया जाएगा। इससे जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।
नियम होंगे थोड़े आसान
इस मिशन में आर्चर एविएशन (Archer Aviation), जोबी एविएशन (Joby Aviation) और विस्क (Wisk) जैसी दुनिया की नामी कंपनियां शामिल हैं। सरकार का मकसद है कि अमेरिका इस नई टेक्नोलॉजी में दुनिया का नेतृत्व करे और लोगों के सफर करने का तरीका बदल दे। अब तक इन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सर्टिफिकेशन की थी। अब तक इन कंपनियों को लाइसेंस मिलने में सालों लग जाते हैं। लेकिन इस नए प्रोग्राम के तहत नियम थोड़े आसान होंगे। कंपनियों को सीमित कॉमर्शियल फ्लाइट्स की इजाजत दी जाएगी।












































