दो साल से ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे टैक्स विभाग के 4 कर्मचारी, पंजाब सरकार ने नौकरी से निकाला, जानें पूरा मामला!

parmodkumar

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पंजाब के टैक्स विभाग ने चार कर्मचारियों को डीम्ड रेजिग्नेशन यानी स्वतः इस्तीफा मानकर नौकरी से निकाल दिया। ये कर्मचारी दो से तीन साल से बिना किसी अनुमति के ड्यूटी से गायब थे। इनमें तीन एक्साइज और टैक्सेशन इंस्पेक्टर और एक क्लर्क शामिल हैं। इन सभी को कई बार नोटिस भेजे गए और काम पर लौटने का मौका दिया गया, लेकिन वे नहीं लौटे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार अनुशासनहीनता और काम में लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस रखती है। उन्होंने कहा कि जनसेवा में समर्पण और उपस्थिति की जरूरत होती है। इसलिए, जो कर्मचारी सालों तक बिना किसी अनुमति के अनुपस्थित रहते हैं, उन्हें खुद को समझाने के कई मौके दिए जाने के बावजूद, प्रशासन में कोई जगह नहीं है।

सभी की सेवाएं की गई समाप्त
एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब सिविल सेवा (सजा और अपील) नियम, 1970 के नियम 8 के तहत एक विस्तृत जांच प्रक्रिया के बाद उनकी सेवाएं समाप्त की गईं। इन कर्मचारियों में से एक इंस्पेक्टर जालंधर-2 में 15 मार्च, 2023 से अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित था। उसने छुट्टी के लिए आवेदन किया था, जिसे उच्च अधिकारियों ने खारिज कर दिया था। इसी तरह, एक अन्य इंस्पेक्टर 24 जून, 2023 से लगातार ड्यूटी से गायब था। उसे निलंबित भी किया गया था, लेकिन उसने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही अपने मुख्यालय में रिपोर्ट किया।

एक इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई
विभाग ने रोपड़ रेंज के एक इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की। वह 29 मई, 2021 से बिना अनुमति के अनुपस्थित था। उसने विदेश जाने की छुट्टी ली थी, जो स्वीकृत थी। उसने मेडिकल समस्याओं और दिल की सर्जरी का दावा किया था। लेकिन स्वतंत्र जांच में पाया गया कि वह अपने काम में लापरवाही बरत रहा था। वह वर्चुअल माध्यम से भी जांच में शामिल नहीं हुआ। इसके अलावा, जालंधर ऑडिट विंग के एक क्लर्क की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं। वह 11 सितंबर, 2023 से ड्यूटी पर नहीं आया था। उसने विदेश जाने की छुट्टी के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूर नहीं किया गया था।