फरीदाबाद: सेक्टर-23 स्थित अपना घर सोसायटी में एक जर्मन शेफर्ड डॉग को बालकनी में बांधकर रखने और प्रताड़ित किए जाने का वीडियो सामने आया है। आरोप है कि डॉग मालिक पिछले लंब समय से कुत्ते को 24 घंटे बालकनी में ही बांधकर रखता है। सर्दी, गर्मी या बारिश में भी डॉग बालकनी में ही बंधा रहता है। डॉग को घुमाने या खुली जगह में भी नहीं ले जाया जाता। सोसायटी के एक रेजिडेंट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां एक मकान में एक करीब 4 से 5 साल का छोटा जर्मन शेफर्ड डॉग है, जिसे डॉग मालिक 24 घंटे अपने फ्लैट की बालकनी में ही बांधकर रखता है।
पिछले करीब एक साल से डॉग को बालकनी में ही बांधकर रखा हुआ है, उसे कहीं भी बाहर नहीं ले जाया जाता। जर्मन शेफर्ड डॉग को कड़ी धूप हो या कड़कड़ाती ठंड बालकनी में ही रखते हैं। डॉग मालिक की इस प्रताड़ना के कारण डॉग कमजोर हो गया है। उसकी सेहत भी दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। वह मानसिक तनाव में भी दिखाई देता है। हाल ही में कड़कड़ाती ठंड में बारिश के दौरान डॉग को बाहर बालकनी में ही बांधकर रखा गया। डॉग को केवल एक छोड़ी सी खिड़की में से खाना दिया जता है, कभी भी डॉग मालिक को इसके बाद नहीं देखा गया। न ही मालिक के साथ डॉग को बाहर घूमते हुए देखा गया है।
क्या बोले डॉग लवर्स
डॉग लवर्स का कहना है कि अगर जर्मन शेफर्ड डॉग मालिक अपने डॉग को बाकी गली के साथ खुला छोड़ दे तो हम उसे पालने को तैयार है। बालकनी में बंधा डॉग भूखा प्यासा त़ड़पता रहता है। अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया तो डॉग की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे में डॉग लवर्स ने आवाज उठाते हुए इसका वीडियो सोशल मीडिया में डालकर पीएफए और नगर निगम से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस संबंध में पीएफए वृंदा का कहना है कि इस वीडियो की पहले जांच की जाएगी। टीम को भेजकर इसकी तह तक जाएंगे कि क्या सच में डॉग को 24 घंटे बालकनी में बांधा रखा जाता है। पूरे एविडेंस होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। वहीं इस मामले में नगर निगम एमओएस नीतीश परवाल का कहना है कि नगर निगम की ओर से कार्रवाई करने का इसमें कोई अधिकार क्षेत्र नहीं बनता है।















































