स्पैम कॉल और मैसेज पर रोक नहीं लगा सकीं टेलीकॉम कंपनियां, सरकार ने लगाया 150 करोड़ रुपये जुर्माना

parmodkumar

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स्पैम कॉल और मैसेज पर लगाम लगाने में नाकाम रहने पर टेलीकॉम ऑपरेटरों को अब भारी जुर्माना भरना होगा। टेलीकॉम रेगुलेटर Trai ने टेलीकॉम ऑपरेटरों पर 150 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना तीन सालों के लिए लगाया गया है। ट्राई के इस फैसले पर टेलीकॉम ऑपरेटरों ने आपत्ति जताई है। ET telecom की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद करने और नियमों के अनुसार स्पैमर्स के टेलीकॉम कनेक्शन पर कार्रवाई ना करने के लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स पर 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है।

उचित कार्रवाई ना कर पाने के लिए लगा जुर्माना
दरअसल, Trai ऐसे ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाता है, जो नियमों का पालन नहीं करते। नियमों के तहत, प्रति लाइसेंस सर्विस क्षेत्र के लिए प्रति माह 50 लाख रुपये तक का वित्तीय जुर्माना लगाया जा सकता है। रिपोर्ट (Ref.) के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि TSPs (टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं) पर वित्तीय जुर्माना इसलिए नहीं लगाया जाता है कि वे उनके नेटवर्क से कोई स्पैम भेज रहे हैं। बल्कि इसलिए लगाया जाता कि वे नियमों के अनुसार स्पैमर्स के टेलीकॉम संसाधनों पर उचित कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।

Trai ने बंद किए लाखों स्पैमर्स कनेक्शन
Trai ने शिकायतों के ऑडिट के दौरान पाया कि TSPs ने कई बार ग्राहक शिकायतों को गलत तरीके से बंद कर दिया। पिछले साल, Trai ने 21 लाख से अधिक स्पैमर्स के कनेक्शन काटे और 1 लाख से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया। 13 अगस्त, 2024 को जारी किए गए Trai के निर्देश के बाद, सितंबर 2024 में लगभग 18.8 लाख स्पैमर्स के कनेक्शन काटे गए और 1,150 से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया। Trai ने एक DND ऐप भी लॉन्च किया है, जिससे उपयोगकर्ता केवल 4-6 क्लिक में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

10 दिनों में 5 शिकायतें मिलने पर होती है कार्रवाई
अधिकारी ने बताया कि पंजीकृत टेलीमार्केटर्स पर सख्त नियम लागू हैं, लेकिन अब अधिकांश स्पैम अपंजीकृत व्यक्तियों द्वारा 10 डिजिट के मोबाइल नंबरों का उपयोग करके स्पैम भेजे रहे हैं। स्पैमर की पहचान शिकायतों की संख्या के आधार पर होती है। केवल फोन पर नंबर ब्लॉक करने से स्पैम नहीं रुकता, क्योंकि स्पैमर्स अक्सर अपने नंबर बदलते रहते हैं।