सरकार का बड़ा एक्शन, Wingo ऐप समेत कई Telegram चैनल ब्लॉक, लोगों के फोन से भेज रहे थे फ्रॉड SMS

parmodkumar

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भारत सरकार ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए Wingo नाम की ऐप और उससे जुड़े कुछ Telegram चैनल्स को ब्लॉक कर दिया है। ये एक्शन गृह मंत्रालय के तहत आने वाले साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर की ओर से लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऐप न सिर्फ लोगों से पैसे ठग रहा था, बल्कि यूजर्स की जानकारी के बिना उनके फोन का इस्तेमाल धोखाधड़ी वाले SMS भेजने के लिए भी कर रहा था। गृह मंत्रायल ने Wingo ऐप को लेकर चेतावनी जारी कर कहा है कि यह ऐप आसान कमाई का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाता था। अगर आपने भी फोन में इस ऐप को इंस्टॉल किया हुआ है, तो उसे तुरंत हटा दें।

कैसे धोखाधड़ी कर रहा था Wingo ऐप?
रिपोर्ट्स के मुताबिक,(REF.) Wingo ऐप लोगों को कम समय में पैसे कमाने के लिए छोटे-छोटे टास्क पूरे करने के लिए कहता था। ऐप डाउनलोड होने के बाद यूजर्स से निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए जाते थे। पेमेंट के लिए यह ऐप पर्सनल वॉलेट का इस्तेमाल करता था। ऐप के खिलाफ शिकायते बढ़ने या बड़ी रकम जमा होते ही ऐप अचानक बंद हो जाता था। इसके साथ ही यूजर के अकाउंट भी ब्लॉक कर दिए जाते थे। इस तरह यह एकदम फ्रॉड स्कीम की तरह काम करता था।

ऐप पर लगे हैं जासूसी के भी आरोप
Wingo ऐप पर ठगी के साथ ही जासूसी के भी आरोप लगे हैं। यह ऐप फोन में इंस्टॉल होने के बाद लोगों के डिवाइस पर कॉन्टैक्ट्स, गैलरी और लोकेशन जैसी अनावश्यक परमिशन ले लेता था। इससे पर्सनल डेटा तक ऐप की पहुंच बन जाती थी। इस तरह से यह ऐप लोगों की जानकारी के बिना उनके फोन से दूसरों को फ्रॉड SMS भी भेजा करता था। सरकार ने कार्रवाई करते हुए इसके सर्वर को जियो-ब्लॉक कर दिया है और 1.53 लाख फॉलोअर्स वाले 4 टेलीग्राम चैनलों समेत 50 से ज्यादा यूट्यूब वीडियो हटवा दिए हैं।

खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
सरकार ने एंड्रॉइड यूजर्स के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की हैं। सरकार का कहना है कि ऐसे ऐप्स डाउनलोड न करें, जो किसी तरह के फायदे की गारंटी देती हैं। इसके अलावा जो ऐप्स आपके फोन की गैलरी या SMS की अनुमति मांगे, उन्हें फोन में बिलकुल न रखें। किसी अनजान UPI आईडी पर पैसे न भेजें और न ही OTP शेयर करें।

अगर तमाम सावधानियों के बावजूद आप ठगी का शिकार हो जाएं, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या सरकारी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। सरकार द्वारा जारी होने वाली एडवाइजरी का ध्यान रखें और संदिग्ध ऐप्स को फोन में भूलकर भी जगह न दें।