स्कूलों में मनाया जाएगा दादा-दादी नाना-नानी दिवस, CBSE की गाइडलाइंस जारी, जानिए इसमें क्या-क्या होगा?

parmodkumar

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जनरेशन गैप समाज में एक मसला है और इसे दूर करने के लिए अब स्कूलों में पहल होने लगी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी इन दो पीढ़ियों की बॉन्डिंग को मजबूत करने के लिए ‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’ जैसे दिन सेलिब्रेट करने को गाइडलाइंस बनाई हैं। दिल्ली का शिक्षा विभाग के सभी सीबीएसई स्कूलों में ‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’ कई एक्टिविटीज के साथ सेलिब्रेट किया जा रहा है, जहां हर स्टूडेंट अपने दादा/नाना, नानी/दादी के साथ स्कूल आते हैं।

यूएस-कनाडा की तर्ज पर भारत में ‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’
सीबीएसई के इस कदम के साथ यह एक कदम और आगे बढ़ेगा, जब सालभर कुछ एक्टिविटी इस कॉन्सेप्ट से जुड़ेंगी। यूएस, कनाडा समेत कई देशों में भी ‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’ को ‘ग्रैंडफ्रेंड्स’ से जोड़ते हुए बच्चों को उनके परिवार से जोड़ने की मुहिम के असरदार नतीजे मिल चुके। यह सीनियर सिटिजन और बच्चों दोनों के अकेलेपन को दूर रहा है।

दादा-दादी दिवस पर स्कूलों में क्या-क्या होगा?
दादा-दादी, नाना-नानी के साथ उनके नाती-पोतों का रिश्ता मजबूत करने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने सभी स्कूलों को कई तरह की एक्टिविटीज रखने को कहा है। स्कूलों में ऐसे एक्टिविटी रखी जाएंगी जिससे अलग-अलग पीढ़ियों के बीच बॉन्डिंग बढ़े और जनरेशन गैप कम हो।

राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक परिषद की सिफारिशों और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशों के तहत सीबीएसई ने यह गाइललाइंस तैयार की हैं। स्कूलों को कहा गया है कि वो स्वतंत्रता दिवस, बाल दिवस, इंटरनेशनल सीनियर सिटिजंस डे जैसे मौकों पर खास आयोजन रखें और स्टूडेंट्स के दादा-दादी / नाना-नानी को आमंत्रित करें ताकि इन अलग-अलग पीढ़ियों के बीच का रिश्ता और मजबूत हो।

बोर्ड का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी से स्टूडेंट्स की व्यावहारिक समझ, भावनात्मक जुड़ाव, उनके लिए सम्मान और नैतिक मूल्यों का विकास होगा। स्कूल को ‘वॉकथॉन’ जैसे इवेंट के आयोजन की भी सलाह दी है, जिनमें दादा-दादी / नाना-नानी अपने पोते-पोतियों / नाती-नातिनों के साथ मिलकर भाग लें।

बॉन्डिंग मजबूत, अकेलापन भी दूर
इससे सीनियर सिटिजंस में अकेलेपन और सामाजिक अलगाव की समस्या भी कम होगी। स्टूडेंट्स को यह भी कहा है कि वे इस तरह की और भी दिलचस्प एक्टिविटी प्लान कर सकते हैं, जिससे दोनों जनरेशन के बीच की नजदीकी बढ़े। सीबीएसई ने स्कूलों को कहा है कि इन इवेंट की पूर्व सूचना संबंधित विभाग/मंत्रालय को भी दी जाए और रिकॉर्ड्स रखे जाएं।