Disadvantages Of Sudden Braking In Motorcycle: आप सड़क पर आम से मोटरसाइकल चलाते हुए जा रहे हैं और अचानक कुछ चीज आपके सामने आ जाए तो आप जोर से ब्रेक लगाते हैं या कुछ लोग शौकिया तौर पर भी हार्ड ब्रेकिंग या पैनिक ब्रेकिंग का इस्तेमाल करते हैं। बाइक चलाते समय अचानक या बहुत तेज ब्रेक लगाने से हादसे को तो जरूर टाला जा सकता है, लेकिन अगर यह सही तरीके से न किया जाए तो ज्यादा नुकसान भी हो सकते हैं।
दरअसल, तेज ब्रेक लगाने से पहिए लॉक हो सकते हैं, बाइक पलट सकती है, टायर खराब हो सकते हैं, पीछे से टक्कर का खतरा बढ़ सकता है और बाइक के पुर्जों पर भी दबाव पड़ सकता है। ऐसे में सामान्य ड्राइविंग में हमेशा धीरे-धीरे ब्रेक लगाना चाहिए और तेज ब्रेक का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी कंडीशन में ही करना चाहिए।
अचानक या बहुत तेज ब्रेक लगाने से सबसे आम नुकसान यह होता है कि पहिए लॉक हो जाते हैं और बाइक फिसलने लगती है। जब आप अचानक बहुत तेज ब्रेक दबाते हैं, तो पहिए घूमना बंद कर देते हैं, लेकिन बाइक जिस मोमेंटम में रहती है,उससे उसे पुश मिलता है। आपकी बाइक में अगर ABS नहीं है, तो टायर सड़क पर अपनी ग्रिप खो देगा, जिससे बाइक स्किड कर जाएगी।
तेज ब्रेक लगाने का एक और बड़ा खतरा है गाड़ी का पलट जाना। आप अगर केवल फ्रंट ब्रेक को बहुत तेजी से दबाते हैं, तो बाइक का पूरा वजन अचानक आगे की ओर शिफ्ट हो जाता है। इससे पिछला पहिया हवा में उठ सकता है। ऐसी स्थिति में आप हैंडल के ऊपर से आगे की ओर गिर सकते हैं।
तेज ब्रेक लगाने से पीछे से टक्कर का खतरा भी बढ़ जाता है। सड़क पर आपके पीछे चल रही गाड़ियां आपके अचानक रुकने से टकरा सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप सुरक्षित ब्रेकिंग के लिए कुछ सुझावों का पालन करें और खुद के साथ बाकियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। ब्रेकिंग के लिए 70:30 का नियम अपनाना चाहिए, जिसका मतलब है कि हमेशा 70 फीसदी फ्रंट ब्रेक और 30 फीसदी पिछले ब्रेक का इस्तेमाल करें। अगर संभव हो तो ABS वाली बाइक चुनें।
अचानक ब्रेक लगाने से टायरों को भी नुकसान होता है। तेज ब्रेक लगाने से टायर और सड़क के बीच बहुत ज्यादा घर्षण पैदा होता है। इससे टायर पर एक ही जगह से रबर घिस जाता है और इसकी लाइफ कम हो जाती है। तेज ब्रेक लगाने से बाइक के कई मैकेनिकल पुर्जों पर भी ज्यादा प्रेशर पड़ता है। ब्रेक पैड्स और डिस्क बहुत जल्दी गर्म होकर घिस जाते हैं। फ्रंट सस्पेंशन पर अचानक दबाव बढ़ने से उनकी सील लीक हो सकती है। चेन और स्प्रोकेट पर के टूटने का भी डर होता है।














































