जब दो देशों में बीच किसी प्रकार का व्यापार समझौता होता है तो दोनों ही देशों की कंपनियों को फायदा होता है और वस्तुओं के दाम में आंशिक या अच्छी गिरावट होती है। हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हुई और इसके तहत कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इंडिया-यूएस ड्रेड डील के बाद भारत में हार्ले-डेविडसन और इंडियन जैसी कंपनियों की पावरफुल बाइक्स खरीदने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। दरअसल, इनपर आने वाले समय में 40 पर्सेंट इंपोर्ट ड्यूटी को हटाकर जीरो पर्सेंट किया जा सकता है और ऐसे में अमेरिकी बाइक कंपनियों की प्रीमियम मोटरसाइकल्स काफी सस्ती हो जाएंगी।
मौजूदा स्थिति में क्या कुछ बदलाव संभव
सबसे पहले आप यह समझिए कि मौजूदा समय में क्या हालात हैं और आने वाले समय में क्या कुछ बदल सकता है? दरअसल, मौजूदा समय में हार्ले डेविडसन और इंडियन जैसी कंपनियों की पावरफुल बाइक्स इंपोर्ट होती हैं और इनपर 40 से 50 फीसदी तक आयात शुल्क लगता है। पावरफुल बाइक्स की बात करें तो इनमें 800 सीसी से 1600 सीसी तक की मोटरसाइकल आती हैं और ये सीबीयू होती हैं। अमेरिका से अब नए व्यापार समझौते के तहत इंपोर्ट ड्यूटी को घटाकर शून्य फीसदी किया जाएगा और फिर बहुत सी चीजों के दाम घटने की सूरत में अमेरिकी प्रीमियम बाइक्स भी भारत में सस्ती हो जाएंगी।
दाम में लाखों रुपये की गिरावट की संभावना
अब आपको भारतीय बाजार में हार्ले-डेविडसन की प्रीमयम बाइक्स के बारे में बताएं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि यह अमेरिकी कंपनी भारत में एंट्री लेवल सेगमेंट में हीरो मोटोकॉर्प के साथ मिलकर X440 और X440 T बनाती हैं। बाद बाकी प्रीमियम सेगमेंट में नाइटस्टर, स्पोर्ट्स्टर एस, फैट बॉय, CVO Road Glide समेत कई अन्य बाइक्स इंपोर्ट होती हैं और इनकी कीमतें काफी ज्यादा हैं।
वहीं, अमेरिकी कंपनी इंडियन की इंपोर्टेड मोटरसाइकल में एंट्री लेवल स्काउट (Scout) सीरीज के साथ ही प्रीमियम सेगमेंट में इंडियन चीफ डार्क हॉर्स, इंडियन चीफ बॉबर डार्क हॉर्स, इंडियन चैलेंजर, इंडियन स्प्रिंगफील्ड, परसूट डार्क हॉर्स, रोडमास्टर इलिट समेत अन्य हैं। व्यापार समझौते पर मुहर लगते ही इन बाइक्स की कीमतों में 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की भारी गिरावट देखी जा सकती है।













































