फतेहाबाद शहर की रघुनाथ धर्मशाला में रविवार शाम को सनसनी फैल गई, जब वहां कार्यरत एक सुपरवाइजर हरीश उर्फ काला गांधी का शव बरामद हुआ। मृतक पिछले दो दिनों से लापता बताया जा रहा था। सूचना मिलते ही बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, धर्मशाला में काम करने वाला सुपरवाइजर बीते दो दिनों से नजर नहीं आ रहा था। कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने उसे कई बार तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। रविवार शाम को शक के आधार पर पुलिस ने गेट का ताला तोड़कर मेन गेट खोला तो अंदर सुपरवाइजर का शव पड़ा मिला। शव की हालत देखकर अंदेशा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत एक दिन पहले ही हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही सीन ऑफ क्राइम टीम भी मौके पर पहुंची। टीम के डॉक्टर जोगिंद्र ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भेज दिया है, जहां पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बस स्टैंड चौकी प्रभारी सतीश ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं धर्मशाला से जुड़े लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस का कहना है कि धर्मशाला के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।
धर्मशाला के प्रधान टेकचंद मिढा ने बताया कि हरीश करीब 25 वर्षों से सुपरवाइजर था। हरीश रानियां जाने की बात कह रहा था, लेकिन फोन नहीं उठा रहा था। शाम को भी कॉल की गई लेकिन नहीं उठाया गया। शक होने पर अंदर आ कर कर्मचारी ने देखा तो पोर्च में शव पड़ा था। कैमरे देखे जा रहे है।















































