गांव भंडेरी में नाले में गिरने से तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। दो बहनाें का इकलौता भाई कार्तिक घर के बाहर ही खेल रहा था। अचानक घर से महज 50 मीटर दूर नाले में जा गिरा। घंटों की मशक्कत के बाद जब कार्तिक का शव मिला तो परिवार में चीख-पुकार मच गया। घटना के बाद ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि नाले के पास कांटेदार झाड़ियां या घेराबंदी की मांग समय रहते पूरी हो गई होती तो मासूम की जान बच सकती थी।
घटना रविवार शाम करीब साढ़े 4 बजे की है। सचिन की तीन संतानें हैं। दो बड़ी लड़कियां हैं, वहीं बेटा कार्तिक सबसे छोटा था। परिवार के लोगों का कहना है कि 3 साल का कार्तिक खेलते-खेलते पास ही बने नाले की तरफ चला गया। कुछ महीने पहले गांव में भंडारा वाले तालाब की सफाई के दौरान इसी नाले से दूसरे तालाब में पानी डाला गया था। नाले में रह गया पानी बच्चों के लिए खतरनाक बना हुआ है। ग्रामीण नाले के पास सुरक्षा के लिए कांटेदार झाड़ियां लगाने या पक्की घेराबंदी की मांग पंचायत से कर चुके हैं। इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
देर शाम तलाश के दौरान कार्तिक का शव मिला तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में खुले और पानी से भरे नालों के पास तुरंत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुलिस ने इस घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।












































