MGNREGA के नाम में हुए बदलाव को लेकर सियासी तकरार छिड़ी है, कांग्रेस लगातार सरकार पर तंज कस रही है. इसी बीच BJP नेता गौरव वल्लभ ने फिर से लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की समस्या ये है कि इस बिल में भगवान राम का नाम शामिल है, जिसकी वजह से उन्हें दिक्कत है, इसके अलावा क्या कुछ कहा जानते हैं.
ANI से बात करते हुए गौरव वल्लभ ने बिल का बचाव किया और कांग्रेस के विरोध के कथित कारणों का जिक्र किया, गौरव वल्लभ ने कहा कि उनकी समस्या यह है कि पास हुए कानून में भगवान राम का नाम शामिल है. उन्हें इससे समस्या है, राहुल गांधी भगवान राम से नफरत करते हैं. दूसरा बड़ा मुद्दा यह है कि इसका मकसद रोजगार देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण युवाओं को मजबूत बनाना है. ये दोनों उनकी समस्याएं हैं.
सदन में बिल फाड़ने के INDIA अलायंस के काम पर कमेंट करते हुए वल्लभ ने कहा कि यह भगवान राम और ग्रामीण लोगों के प्रति अपमानजनक और बेइज्जती वाला इशारा था, इससे पहले, BJP MP विवेक ठाकुर ने बिल पास होने की आलोचना करने के लिए राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता गवर्नेंस और अकाउंटेबिलिटी के मुख्य मुद्दों को समझने में नाकाम रहे. यह बिल पिछले MGNREGA के उलट, राज्य और केंद्र दोनों सरकारों की अकाउंटेबिलिटी पक्का करता है. उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से लोकसभा LoP राहुल गांधी इन मुद्दों को ठीक से नहीं समझते हैं.
MGNREGA में राज्य की कोई जवाबदेही नहीं थी. अब राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी पक्की होगी, VB-G RAM G बिल का मकसद ग्रामीण रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करना है और इसमें केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 का फंड-शेयरिंग पैटर्न शामिल है. विपक्षी पार्टियां मजदूरों के अधिकारों और MGNREGA से गांधी का नाम हटाने की चिंताओं का हवाला देते हुए बिल का विरोध कर रही हैं. केंद्र के रुख का समर्थन करते हुए, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि MGNREGA समेत कल्याणकारी योजनाओं में लाए गए सुधारों का मकसद डिलीवरी सिस्टम को मजबूत करना और देश के हितों की सेवा करना है.












































