आपका शरीर अंदर बन रही बीमारियों के बारे में बता सकता है। बस आपको इसकी जानकारी होनी चाहिए। एक नई रिसर्च कहती है कि हिप्स पर नजर रखकर टाइप 2 डायबिटीज का खतरा पता लगाया जा सकता है।
डायबिटीज के बारे में बताते हैं हिप्स
डायबिटीज का पक्का इलाज अभी मेडिकल साइंस के पास नहीं है। इसलिए डॉक्टर इससे बचाव को काफी अहम मानते हैं। जिसमें आपको इसके लक्षणों का भी पता होना चाहिए। अक्सर ज्यादा प्यास लगना, ज्यादा पेशाब आना जैसी समस्याएं इस बीमारी के बारे में बताती हैं। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने शोध करके एक और लक्षण के बारे में पता लगाया है, जो आपके हिप्स से नजर आता है।
हिप्स की शेप पर रखें नजर
रेडियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका में अगले हफ्ते एक नई रिसर्च पेश होने वाली है। जो बताती है कि आपके हिप्स की मसल्स उम्र के अलावा टाइप 2 डायबिटीज और ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से भी बदलती है, जिसे ग्लूटियस मैक्सिमस कहा जाता है।
पुरुषों और महिलाओं में अंतर
डेलीमेल की रिपोर्ट में स्टडी के हवाले से बताया गया है कि अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने यूके बायोबैंक डाटाबेस के 61,300 एमआरआई जांचे। इसमें देखा गया कि टाइप 2 डायबिटीज के शिकार पुरुषों में हिप्स की मसल्स में सिकुड़न और महिलाओं में बढ़ोतरी होती है।
ग्लूटियस मैक्सिमस का फंक्शन
यह मसल्स शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियों में से एक है, जो मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसकी जांच से हम पता लगा सकते हैं कि शरीर फैट और शुगर की प्रोसेसिंग और इंसुलिन पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहा है।
डायबिटीज का प्रमुख कारण
डायबिटीजखून में ग्लूकोज-शुगर की मात्रा ज्यादा रहने की स्थिति है। ऐसा इंसुलिन में गड़बड़ी के कारण होता है। इसका मतलब है कि या तो आपका शरीर इंसुलिन हॉर्मोन का उत्पादन पर्याप्त नहीं कर रहा है या फिर उसका इस्तेमाल सही तरीके से नहीं कर पा रहा है।
बढ़ता है इन बीमारियों का खतरा
डायबटीज की वजह से कई सारी दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर की बीमारी किडनी रोग, नसों की दिक्कत, हार्ट डिजीज, नजर कमजोर होना, स्ट्रोक आदि का खतरा भी बढ़ाती है।
एक नहीं होता कारण
शोधकर्ता मानते हैं कि हिप्स की शेप बदलना इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकता है। लेकिन इसके पीछे कोई एक कारण काम नहीं करता। इसका विकास आपकी बॉडी कंडीशन, जेनेटिक्स, उम्र, वजन जैसी कई स्थितियों पर निर्भर कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।







































