सीएनजी कार पेट्रोल गाड़ी के मुकाबले कितनी अच्छी और किफायती, रनिंग कॉस्ट भी जान लें

parmodkumar

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नई कार खरीदते समय लोगों में अक्सर यह दुविधा होती है कि वे पेट्रोल कार लें या सीएनजी कार। बजट कार, यानी 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली कार खरीदने वालों में यह बेहद आम है। सीएनजी कारों की रनिंग कॉस्ट कम होती है और इनमें बेहतर माइलेज मिलती है, वहीं पेट्रोल कारें तुलनात्मक रूप से महंगी होती हैं और सीएनजी के मुकाबले फ्यूल एफिसिएंसी कम होती हैं। ऐसे में हमने सोचा कि क्यों ना आज आपको सीएनजी और पेट्रोल कारों की परफॉर्मेंस, माइलेज और रनिंग कॉस्ट समेत कुछ बेहद जरूरी बातें तुलना करके बताएं, जिससे आपका कन्फ्यूजन दूर हो जाए।

आम तौर पर सीएनजी पेट्रोल के मुकाबले सस्ती होती हैं, लेकिन कुछ शहरों में यह अंतर काफी कम है। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में प्रति किलोग्राम सीएनजी की कीमत 80 रुपये से सस्ती है, वहीं पटना, लखनऊ, जयपुर समेत अन्य शहरों में यह 85 से करीब 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक है। महानगरों में सीएनजी के सस्ते होने से ग्राहकों को ज्यादा फायदा है, लेकिन अन्य शहरों में पेट्रोल से ज्यादा अंतर ना होगा चिंताजनक है। फिर भी सीएनजी पेट्रोल के मुकाबले सस्ता तो है और यह ग्राहकों के लिए जरूर फायदेमंद है। सीएनजी कारों की रनिंग कॉस्ट पेट्रोल के मुकाबले कम है।

सीएनजी कारों की माइलेज पेट्रोल कारों के मुकाबले काफी बेहतर होती है। जहां पेट्रोल कारों में आपको 15 से 22 किलोमीटर प्रति लीटर की फ्यूल एफिसिएंसी मिलेगी, वहीं सीएनजी कारों में यह 22 से 35 किलोमीटर प्रति किलोग्राम तक हो जाती है। इस वजह से मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी कंपनियों की अलग-अलग सीएनजी कार और एसयूवी की अच्छी बिक्री होती है। हाल के दिनों में सीएनजी पावर्ड एसयूवी की बिक्री ने भयंकर रफ्तार पकड़ी है और टाटा नेक्सॉन की बंपर बिक्री इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

अब बात आती है परफॉर्मेंस की तो पेट्रोल कारें भले सीएनजी कारों के मुकाबले महंगी और कम माइलेज देती हैं, लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में बेहतर हैं। सीएनजी कारें पेट्रोल पावर्ड कारों के मुकाबले कम पावर और टॉर्क जेनरेट करती है और इसका असर सीधे परफॉर्मेंस पर पड़ता है। ऐसे में जिन लोगों को एक बड़े शहर की भीड़भाड़ में हर दिन 50 से 100 किलोमीटर तक चलना है और उनका बजट भी ज्यादा नहीं है तो सीएनजी कारें बेहतर विकल्प हैं, लेकिन जिन्हें परफॉर्मेंस चाहिए और हाइवे रनिंग भी है तो पेट्रोल या डीजल कारें बेहतर विकल्प साबित होंगी।

भारतीय बाजार में बीते कुछ वर्षों में सीएनजी कारों की खूब बिक्री हो रही है और इनमें काफी सारी कंपनियों के अच्छे विकल्प हैं। सीएनजी पावर्ड हैचबैक में मारुति सुजुकी की ऑल्टो, एस-प्रेसो, सिलेरियो, वैगनआर, स्विफ्ट और बलेनो के साथ ही टाटा मोटर्स की टियागो और अल्ट्रोज के साथ ही हुंडई की ग्रैंड आई10 नियॉस बेहतरीन विकल्प है। वहीं, सेडान सेगमेंट में मारुति डिजायर और हुंडई ऑरा अच्छे विकल्प हैं। सीएनजी पावर्ड एसयूवी की बात करें तो टाटा मोटर्स की पंच और नेक्सॉन के साथ ही मारुति की ब्रेजा, फ्रॉन्क्स, ग्रैंड विटारा, विक्टोरिस के साथ ही हुंडई की एक्सटर जबरदस्त ऑप्शन है। 7 सीटर सेगमेंट में मारुति सुजुकी अर्टिगा सीएनजी बेहतरीन विकल्प है।