ज्यादा पानी वाला नारियल कैसे खरीदें? बेचने वाले भैया ने बताया सही तरीका

parmodkumar

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गर्मियों के मौसम में जब चिलचिलाती धूप और उमस बेहाल करने लगती है, तो नारियल पानी किसी अमृत से कम नहीं लगता। यह न सिर्फ प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर को तुरंत एनर्जी भी देता है। लेकिन अक्सर लोग नारियल खरीदने में धोखा खा जाते हैं। कभी वह अंदर से सूखा निकलता है, तो कभी उसमें पानी बहुत कम होता है।

आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए, एक नारियल बेचने वाले भैया ने कुछ ऐसे आसान तरीके बताए हैं, जिनसे आप हर बार ढेर सारा पानी वाला नारियल चुन सकेंगे। ये सीक्रेट्स साइज से लेकर नारियल की आवाज तक से जुड़े हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 3 गिलास पानी वाला नारियल कैसे चुनें, तो जानकारी आपके काम आएगी।

अक्सर लोग यह सोचकर सबसे बड़ा नारियल उठाते हैं कि इसमें पानी ज्यादा होगा, लेकिन यह एक गलत धारणा है। विक्रेता के अनुसार, हमेशा मीडियम साइज का नारियल ही चुनना चाहिए। बहुत बड़े नारियल में कई बार मलाई ज्यादा बन जाती है और पानी की मात्रा कम हो जाती है। मीडियम साइज का नारियल न तो बहुत कच्चा होता है और न ही बहुत पका हुआ, इसलिए इसमें पानी का संतुलन सबसे अच्छा रहता है।

नारियल को कान के पास ले जाकर हिलाना एक पुरानी तकनीक है, लेकिन इसे सही से समझना जरूरी है। अगर नारियल को हिलाने पर पानी के छलकने की तेज आवाज आ रही है, तो उसे बिल्कुल न लें। इसका मतलब है कि नारियल के अंदर हवा ज्यादा है और पानी कम। जिस नारियल में पानी भरपूर होता है, उसमें जगह कम होने के कारण हिलने पर आवाज नहीं आती या बहुत ही धीमी आती है। बजने वाला नारियल अक्सर सूखा या खराब भी निकल सकता है।

दुकानदार ने एक बहुत ही खास पहचान बताई, जो नारियल की बनावट है। अगर नारियल के ऊपर की तरफ तीन साइड्स यानी तिकोना आकार दिखाई दे रहे हैं, तो उसे न खरीदें। ऐसे नारियल अक्सर अंदर से खाली या सूखे होते हैं। इसके बजाय, वह नारियल चुनें जो पूरी तरह से गोल या अंडाकार हो। गोल नारियल में पानी की स्टोरेज क्षमता ज्यादा होती है।

ज्यादातर लोग हरा-भरा और चमकता हुआ नारियल ढूंढते हैं, लेकिन असली पानी तो सूखे कवर वाले नारियल में होता है। विक्रेता ने दावा किया कि जिस नारियल का बाहरी छिलका थोड़ा सूखा या भूरा नजर आता है, वह पूरी तरह से पका होता है। इतना ही नहीं जब दुकानदार ने ऐसा नारियल काटा, तो उसमें से करीब 3 गिलास पानी निकला। सूखे कवर का मतलब है कि नारियल ने अंदरूनी पानी को अच्छी तरह सुरक्षित रखा है।

नारियल खरीदते समय उसे उठाकर देखें। अगर दो एक जैसे दिखने वाले नारियल में से एक ज्यादा वजनदार लग रहा है, तो बिना सोचे उसे ले लें। भारीपन का सीधा संबंध पानी की मात्रा से होता है। अगर नारियल हल्का लग रहा है, तो समझ लीजिए कि या तो उसका पानी सूख गया है या वह खराब होने लगा है।

नारियल के ऊपरी हिस्से पर ध्यान दें। अगर वहां डंठल वाला हिस्सा गहरा धंसा हुआ है और आस-पास का हिस्सा हरा है, तो वह ताजा है। अगर वहां कोई छेद या कालापन दिख रहा है, तो वह नारियल अंदर से सड़ चुका हो सकता है। हमेशा साफ और एक समान रंगत वाला नारियल ही घर लाएं।