How to remove Earwax: तीली या तेल न डालें, कान के मैल के लिए ENT डॉ. ने बताए 3 तरीके, खुद निकलेगी पीली गंदगी

parmodkumar

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कान में मैल जमना एक आम समस्या है। बेशक आप कानों को अच्छी तरफ साफ करते हों लेकिन मैल फिर भी जमने लगता है। कान के मैल को मेडिकल भाषा में सेरुमेन कहा जाता है, इसे ईयरवैक्स भी बोला जाता है। वास्तव में यह कान में बनने वाले नेचुरल और सेल्फ-क्लीनिंग एजेंट होता है। यह कान की नली में बनता है और धूल, बैक्टीरिया व गंदगी को फंसाकर कान को सुरक्षित रखता है।

जब आप बात करते या जबड़े को हिलाते हैं, तो यह वैक्स अपने आप बाहर की ओर आ जाता है। अधिकतर लोगों में ईयरवैक्स नरम और थोड़ा तरल होता है लेकिन कुछ लोगों में यह सूखा और परतदार होता है। वैसे तो यह कान से खुद निअक्लता रहता है लेकिन अगर आपको इसके साथ कान में भारीपन, दर्द, खुजली, सुनने में कमी, कान में घंटियां बजना, चक्कर आना, कान में दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो आपको तुरंत ईएनटी डॉक्टर से मिलना चाहिए।

कान का मैल कैसे साफ करें? कई लोग कान साफ करने के लिए ईयरबड्स या नुकीली चीजों का इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो माचिस की तिल्ली या गर्म तेल कान में डालते हैं। ईएनटी डॉक्टर Divya Badanidiyur का कहना है यह तरीके खतरनाक हैं। डॉक्टर ने कान का पीला मैल निकालने के कुछ सेफ तरीके बताए हैं।

कैसे पता चलेगा कि कान में मैल भर चुका है?
डॉक्टर ने बताया (ref.) कि जब कान में वैक्स जम जाता है तो कई प्रॉब्लम होने लगती हैं। आपको कान में दर्द या भारीपन महसूस होने लगेगा, इसके साथ आपको हल्का कान दर्द, कान में गूंज या आवाज आना या सुनने में दिक्कत होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

डॉक्टर बताती हैं कि कान में कभी भी कोई छोटी चीज नहीं डालनी चाहिए। बहुत से लोग हैं, जो कान साफ करने के लिए ईयरबड्स, क्यू-टिप्स, बॉबी पिन, हेयर क्लिप या माचिस की तिल्ली डालने लगते हैं , ऐसा बिल्कुल न करें। इसके बजाय आप सिर्फ एक गीले कपड़े से कान के बाहरी हिस्से को साफ कर सकते हैं। अगर ईयरबड इस्तेमाल करना ही हो तो उसे सिर्फ कान के बाहर तक ही रखें, अंदर न डालें।

कान की सफाई के दौरान कुछ चीजें बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। कभी भी ईयरबड को कान के अंदर गहराई तक न डालें, इससे वैक्स और अंदर चला जाता है और दर्द व सुनने की समस्या बढ़ सकती है। नुकीली चीजों से कान साफ करना खतरनाक हो सकता है और इससे ईयरड्रम को नुकसान पहुंच सकता है। इनके अलावा ईयर कैंडलिंग का भी इस्तेमाल न करें क्योंकि आग की गर्मी से कान को चोट लग सकती है। खुद से पानी डालकर कान धोने की कोशिश भी न करें, इससे इंफेक्शन या ईयरड्रम फटने का खतरा होता है।

डॉक्टर ने बताया कि अगर कान में वैक्स जमा है, तो आप मेडिकल स्टोर पर मिलने वाले ईयरवैक्स सॉफ्टनर ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे दिन में कुछ बार लगभग एक हफ्ते तक डालें। इसके बाद ईएनटी डॉक्टर के पास जाकर सुरक्षित तरीके से वैक्स निकलवाएं।

ईएनटी डॉक्टर कान को माइक्रोस्कोप, एंडोस्कोप या ओटोस्कोप से जांचते हैं। इसके बाद वैक्स को खास उपकरण यानी क्यूरेट, सक्शन या सिरिंजिंग की मदद से सुरक्षित रूप से निकाला जाता है।

अगर घरेलू उपायों के बाद भी कान का ब्लॉकेज ठीक न हो, या कान में दर्द हो या न हो, तब भी ईएनटी डॉक्टर को जरूर दिखाएं। साल में एक बार कान, नाक और गले की जांच करवाना एक अच्छी आदत है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।