कुरुक्षेत्र: पानीपत जिले के नेत्ररोग अधिकारी जयदीप राठी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुरुवार को आरोपियों से हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि हत्या कहीं और की गई। शव को जलाने के बाद राख और अस्थियां आरोपियों ने नरवाना ब्रांच नहर (भाखड़ा) में फेंक दी। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि जयदीप राठी की हत्या के बाद आरोपी उनके शव को यमुनानगर लेकर गए थे। यहां पर आरोपियों ने उनके शव को लकड़ियों में रखकर तेल छिड़ककर जला दिया। शव जलाने के बाद आरोपी राख और अस्थियों को कट्टे में भरकर कुरुक्षेत्र भाखड़ा नहर में बहाकर फरार हो गए।
15 क्विंटल लकड़ियों का इंतजाम किया
आरोपियों ने यमुनानगर में पशुओं के बाड़े में करीब 15 क्विंटल लकड़ियों का इंतजाम किया। इन लकड़ियों में शव को जलाने के लिए करीब 10 लीटर तेल छिड़कर आग लगा दी। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपियों ने इतनी लकड़ियों का इंतजाम कैसे किया। मंगलवार से पानीपत पुलिस की टीम नरवाना ब्रांच नहर में जयदीप राठी के शव के अवशेष की तलाश कर रही है। इसके लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की मदद ली गई है। लगातार 2 दिन नहर में सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद कामयाबी हाथ नहीं लग पाई। गुरुवार को तीसरे दिन फिर से ऑपरेशन चलाया गया है।
गोताखोरों को मदद के लिए बुलाया
नहर के अंदर तलाश करने के लिए पुलिस ने गोताखोरों को मदद के लिए बुलाया है। पुलिस पहले ही आरोपी जसवंत उर्फ जस्सी से घटनास्थल की पहचान करवा चुकी है, गोताखोर प्रगट ने बताया कि 28 दिसंबर को नरवाना ब्रांच नहर में पानी कम था, उस दिन नहर में करीब 3 फुट तक पानी बह रहा था। यह पूरा मामला जमीन के विवाद से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, जयदीप राठी INLD जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई थे और पानीपत में नेत्र रोग अधिकारी के पद पर काम कर रहे थे। 27 दिसंबर को आरोपियों ने उन्हें डेराबस्सी में मिलने के बहाने बुलाया और गोली मारकर हत्या कर दी।














































