आईपीएल के 19वें सत्र की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है। टीमें इसकी तैयारियों में जुट गई हैं। धोनी से लेकर विराट कोहली तक अपनी-अपनी टीमों से जुड़ चुके हैं। पिछले साल हुए मिनी ऑक्शन में टीमों ने खुद को मजबूत किया। चेन्नई सुपर किंग्स ने भी कुछ अहम खिलाड़ियों को टीम से जोड़ा। संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स से ट्रेड कर लाना सबसे बड़ा फैसला रहा। हालांकि, अब सवाल यह उठ रहा है कि धोनी अब किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे।
पिछले सीजन भी वह सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इम्पैक्ट प्लेयर के नियम के रहते हुए ऐसा माना जा रहा है कि वह आठवें नौवें नंबर पर बल्लेबाजी उतरेंगे। इस पर चेतेश्वर पुजारा ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि आठवें-नौवें स्थान पर बल्लेबाजी करने का कोई तर्क नहीं बनता। ऐसे में माही को बल्लेबाजी क्रम में और ऊपर आना चाहिए और इम्पैक्ट बनाना चाहिए, तभी सीएसके की टीम छठा खिताब जीत सकेगी।
पुजारा ने रखी अपनी राय
जियोस्टार पर बात करते हुए चेतेश्वर पुजारा ने धोनी की बैटिंग पोजिशन को लेकर अपने विचार रखे। पिछले सीजन धोनी के सातवें आठवें नंबर पर आने का खामियाजा सीएसके को भुगतना पड़ा था और टीम सबसे आखिरी यानी 10वें स्थान पर रही थी। वहीं, 2024 में सीएसके पांचवें स्थान पर थी। 38 साल के पुजारा ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता कि एमएस धोनी को नंबर आठ या नौ पर बल्लेबाजी के लिए क्यों भेजा जाता है। उनमें अकेले दम पर मैच का रुख पलटने की क्षमता है, जो सीएसके के किसी और बल्लेबाज में नहीं है। अगर वह सिर्फ पांच या 10 गेंद ही खेलेंगे तो ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन सोचिए अगर माही भाई 25-30 गेंद खेल लें तो क्या कर सकते हैं।’
‘CSK का माहौल परिवार जैसा’
पुजारा 2021 के उस सीजन में भी चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे थे, जब टीम ने खिताब जीता था। उनका कहना है कि सीएसके का माहौल खिलाड़ियों के लिए बेहद आरामदायक होता है। पुजारा ने कहा, ‘मैं CSK के सेटअप में रहा हूं। वहां का माहौल ऐसा होता है कि खिलाड़ी बहुत सहज महसूस करते हैं, बिल्कुल परिवार जैसा। जब आप उस माहौल का हिस्सा होते हैं तो आपको साफ पता होता है कि एक खिलाड़ी के तौर पर आपसे क्या उम्मीद की जा रही है।’
युवा खिलाड़ियों को मिल रही प्राथमिकता
पुजारा का मानना है कि सीएसके की खासियत खिलाड़ियों पर लंबे समय तक भरोसा करना रही है, लेकिन अब टीम में बदलाव का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा, ‘वफादारी भी इसमें अहम भूमिका निभाती है, क्योंकि अगर आप CSK के इतिहास को देखें तो एक बार खिलाड़ी टीम का हिस्सा बन जाता है तो लंबे समय तक वहीं रहता है। फिलहाल टीम में बदलाव का दौर चल रहा है, इसलिए युवा खिलाड़ियों को थोड़ा ज्यादा मौका दिया जा रहा है।’














































