Ishan Kishan: ‘मैं अब 24 घंटे मजाक नहीं करता, मैं बदल चुका हूं’, नामीबिया से मैच के बाद क्यों भड़के ईशान किशन?

parmodkumar

0
4

भारत ने नामीबिया को हराकर टी20 विश्वकप 2026 में अपना लगातार दूसरा मैच जीता और ग्रुप-ए में शीर्ष पर जगह बना ली। भारत की जीत में ईशान किशन, हार्दिक पांड्या और वरुण चक्रवर्ती ने अहम भूमिका निभाई। ईशान ने 61 रन और हार्दिक ने 52 रन बनाए, जबकि वरुण ने तीन विकेट झटके। हालांकि, मैच के इतर ईशान किशन ने कुछ ऐसा कहा है, जिसने सभी को चौंका दिया है। आइए पूरा मामला जानते हैं…

दरअसल, टीम इंडिया के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इन दिनों सिर्फ अपने शॉट्स से नहीं, बल्कि अपनी सोच से भी चर्चा में हैं। नामीबिया के खिलाफ तूफानी अर्धशतक जड़ने के बाद उन्होंने माना कि करियर के उतार-चढ़ाव ने उन्हें पहले से ज्यादा परिपक्व बना दिया है। अब उनका फोकस मस्ती से ज्यादा जिम्मेदारी पर है।

वापसी के बाद बदली तस्वीर
पिछले महीने टीम में वापसी के बाद ईशान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें प्लेइंग इलेवन में पहली पसंद का विकेटकीपर बल्लेबाज बना दिया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, तेज शुरुआत और आत्मविश्वास टीम को नई ऊर्जा दे रहे हैं।

नामीबिया के खिलाफ तूफान
गुरुवार रात खेले गए मुकाबले में बाएं हाथ के बल्लेबाज ने सिर्फ 24 गेंदों में छह चौके और पांच छक्के की मदद से 61 रन ठोक दिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने पावरप्ले में 86 रन बना डाले, जो टी20 विश्वकप इतिहास में टीम का सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर रहा। अभिषेक शर्मा की गैरमौजूदगी में ईशान ने जिम्मेदारी उठाई और गेंदबाजों पर टूट पड़े।

मैं अब बदल चुका हूं’
मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फिर उसी पुराने बेफिक्र अंदाज में लौट आए हैं, ईशान ने साफ जवाब दिया, ‘नहीं, सच कहूं तो मैं अब बदल चुका हूं। मजाक मुझे अभी भी पसंद है, मैं करता भी हूं, लेकिन पहले 24 घंटे करता था, अब सिर्फ दो-तीन घंटे ही करता हूं।’ उनके इस बयान से साफ है कि वह अब अपने करियर को अलग नजरिए से देख रहे हैं।

टीम के लिए क्या जरूरी है
ईशान ने यह भी बताया कि अब उनकी प्राथमिकता साफ है। उन्होंने कहा, ‘मैं बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ज्यादा ध्यान दे रहा हूं, जो टीम की मदद करेगा और मेरी भी। बाकी सब चीजें सेकेंडरी हैं, इसलिए मैं हर समय मजाक में नहीं रहता, खासकर गौति भाई के रहते।’ यह टिप्पणी उन्होंने हल्के अंदाज में की, लेकिन संदेश गंभीर था, अनुशासन और फोकस।

बड़े शॉट, लेकिन सादगी भरा प्लान
नामीबिया के खिलाफ उन्होंने जे जे स्मिट के एक ओवर में चार छक्के जड़ दिए। हालांकि, ईशान का कहना है कि उनकी बल्लेबाजी में कोई जादुई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं सिंगल भी लेता हूं और अच्छी गेंदों को डिफेंड भी करता हूं।’ उन्होंने आगे समझाया, ‘मैं बस क्रीज पर शांत रहने की कोशिश कर रहा हूं, गेंद को देखना और वही शॉट खेलना जिनमें मैं अच्छा हूं। कई बार इंटरनेशनल क्रिकेट में उत्साह में गलत शॉट खेल देते हैं। मैं उन पलों को अपनी जिंदगी से हटाने की कोशिश कर रहा हूं।’

डॉट बॉल से घबराना क्यों?
ईशान का मानना है कि वह अतिरिक्त मेहनत या नई ट्रेनिंग से ज्यादा मानसिक संतुलन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं बल्लेबाजी को लेकर बहुत ज्यादा सोच नहीं रहा। बस गेंद देखो और शांत रहो, यही कोशिश है।’ आधुनिक टी20 में हर गेंद पर रन बनाने का दबाव रहता है, लेकिन ईशान इससे सहमत नहीं। उन्होंने कहा, ‘दो-तीन डॉट बॉल से फर्क नहीं पड़ना चाहिए। हमारी टीम के बल्लेबाजों में कभी भी छक्का मारने की ताकत है। दो गेंद में दो छक्के लगते ही सब कवर हो जाता है। इसलिए सही समय का इंतजार करना जरूरी है, बेवजह विकेट फेंकने से बेहतर है।’

परिपक्वता की नई पहचान
ईशान किशन के शब्दों में आत्मविश्वास भी था और अनुभव की झलक भी। जो खिलाड़ी कभी अपनी मस्ती के लिए जाना जाता था, वही अब संयम, धैर्य और मैच सिचुएशन की बात कर रहा है। यही बदलाव शायद उन्हें लगातार बेहतर बना रहा है।