बिना इंटरनेट फोन पर फ्री चलेगा LIVE टीवी, क्या है D2M टेक्नोलॉजी जिसके आने की सुगबुगाहट हुई तेज?

parmodkumar

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D2M Technology: फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए जल्द ही एक नई टेक्नोलॉजी आने वाली है। यह डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) ब्रॉडकास्टिंग है। इस फीचर की मदद से बिना इंटरनेट के भी फीचर फोन पर लाइव स्पोर्ट्स, फिल्में और वेब सीरीज देख पाएंगे। यह सुविधा करीब 2,000 से 2,500 रुपये वाले फीचर फोन में मिलेगी। इसके लिए फोन्स में Saankhya Labs के चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा। यह तकनीकी पूरे भारत में लागू होगी। इससे जियो और एयरटेल जैसी टेलीकॉम कंपनियों के रेवेन्यू पर भी असर पड़ सकता है। आइये, इस नई टेक्नोलॉजी के बारे में सब कुछ यहां जानते हैं।

डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी की मदद से यूजर्स फीचर फोन पर बिना एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन के भी लाइव स्पोर्ट्स, बॉलीवुड फिल्में और OTT कंटेंट देख सकेंगे। दिल्ली और बेंगलुरु में इसके शुरुआती ट्रायल शुरू हो चुके हैं।

आपकी जानकारी के लिए D2M एक ऐसी तकनीक है, जो मोबाइल फोन पर मल्टीमीडिया कंटेंट पहुंचाती है। इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी। संचार मंत्रालय ने D2M के कई खास फीचर्स बताए हैं। इसके खास फीचर्स में से एक यह है कि ये है कि यह मोबाइल के लिए ही बनी है और बिना किसी रुकावट के कंटेंट पहुंचाती है। यह हाइब्रिड ब्रॉडकास्टिंग है। इसका मतलब है कि यह टेक्नोलॉजी रियल-टाइम और ऑन-डिमांड कंटेंट भी दे सकती है। साथ ही, इसके साथ इंटरैक्टिव सर्विस मिलना भी संभव हैं।

लावा और HMD ने 2000 से 2500 के बीच कीमत वाले फीचर फोन बनाए हैं, जो D2M कैपेबिलिटी (ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी) से लैस हैं। इनमें सांख्य लैब्स के डिजाइन किए गए चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है। ये फोन अभी प्रोटोटाइप हैं।

आपकी जानकारी के लिए D2M एक ऐसी तकनीक है, जो मोबाइल फोन पर मल्टीमीडिया कंटेंट पहुंचाती है। इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी। संचार मंत्रालय ने D2M के कई खास फीचर्स बताए हैं। इसके खास फीचर्स में से एक यह है कि ये है कि यह मोबाइल के लिए ही बनी है और बिना किसी रुकावट के कंटेंट पहुंचाती है। यह हाइब्रिड ब्रॉडकास्टिंग है। इसका मतलब है कि यह टेक्नोलॉजी रियल-टाइम और ऑन-डिमांड कंटेंट भी दे सकती है। साथ ही, इसके साथ इंटरैक्टिव सर्विस मिलना भी संभव हैं।

पहले सिर्फ इसके लिए होता था इस्तेमाल

पहले D2M टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी अलर्ट भेजने और आपदा के समय मैनेज करने के लिए जाता था। अब इसकी पावर का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का कहना है कि D2M से सीधे मोबाइल पर जानकारी पहुंचाई जा सकती है, जिससे नेटवर्क पर बोझ नहीं पड़ेगा। आसान भाषा में कहें तो जहां नेटवर्क कमजोर हैं, वहां भी लोग आसानी से ब्रॉडकास्ट देख पाएंगे।

करोंड़ो का होगा निवेश

रिपोर्ट में बताए गए एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने अनुमान लगाया कि पूरे देश में D2M नेटवर्क शुरू करने के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे जल्द लाया जा सकता है।