LPG Vs Induction: इंडक्शन पर खाना बनाना है सस्ता, नई रिपोर्ट में सामने आई जानकारी आएगी आपके बहुत काम

parmodkumar

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारत में LPG सिलेंडर की किल्लत की खबरें हैं। ऐसे में लोग LPG सिलेंडर की जगह बिजली से चलने वाले ऑप्शन जैसे इंडक्शन की तरफ मुड़ रहे हैं। LPG की कमी लोगों को इंडक्शन और इलेक्ट्रिक स्टोव का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर रही है। ये ऑप्शन ना सिर्फ अभी आसानी से लोगों को मिल रहा है, बल्कि ये सस्ता भी साबित हो रहा है। 2026 की IISD की एक रिपोर्ट में LPG, पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और बिजली ऑप्शन के खर्चों की तुलना की गई है। इस रिपोर्ट में पाया गया कि खर्च के मामले में, बिजली से खाना पकाना पहले से ही ज्यादातर भारतीय घरों के लिए सबसे किफायती ऑप्शन है।

बढ गईं कीमतें
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कई शहरों में LPG सिलेंडरों की डिलीवरी देरी से हो रही है। बुकिंग करने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इससे रेस्टोरेंट और छोटे बिजनेस में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतें बढ़ गई हैं। ईंधन की कीमतें बढ़ने के कारण कई छोटे भोजनालयों और क्लाउड किचन को अपना मुनाफा बनाए रखने में मुश्किल हो गई। इस कारण कई जगह कीमतें भी बढ़ा दी गई।

IISD की 2026 की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
इस स्थिति में बिजली से खाना पकाना तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। मार्केट में इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और इंफ्रारेड स्टोव की मांग में तेजी आई है। IISD की 2026 की रिपोर्ट में LPG, पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और बिजली की तुलना की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, खर्च के मामले में, बिजली से खाना पकाना ज्यादातर भारत के घरों के लिए सबसे किफायती ऑप्शन बन रहा है।

LPG से होती है ज्याद बर्बादी
बिजली बचाने वाली मशीनों के नियम और तकनीक बनाने का काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन CLASP की भारत प्रमुख नेहा ढींगरा ने बताया कि इंडक्शन पर खाना बनाते समय इंडक्शन से निकलने वाली 80-85 प्रतिशत ऊर्जा सीधा खाने बनाने के लिए इस्तेमाल होती है, क्योंकि वह सीधा बर्तन को गर्म करती है। जबकि LPG स्टोव आमतौर पर 45-55% गैसे का इस्तेमाल ही खाना पकाने में करता है क्योंति चूल्हे से निकलने वाली गर्मी आसपास की हवा में फैलकर बर्बाद हो जाती है। सरल भाषा में कहें तो LPG चूल्हे से निकलने वाली पूरी गर्मा या ऊर्जा खाने बनाने में इस्तेमाल नहीं होती है। वह बर्बाद ज्यादा होती है, इसलिए अधिक गैस लगती है और खर्चा ज्यादा होता है।

इंडक्शन पर जल्दी बनता है खाना
वहीं, इंडक्शन चूल्हे की लगभग पूरी ऊर्जा खाना बनाने में इस्तेमाल होती है। इस कारण कम बिजली लगती है और खर्चा भी कम होता है। सीधा-सीधा कहें तो LPG सिलेंडर पर खाना पकने में ज्यादा समय लगता है और इंडक्शन चूल्हे पर कम। इस कारण वह कम चलता है और बिजली भी कम उपयोग होती है।

इंडक्शन से होता है कम खर्च
रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा कीमतों के हिसाब से देखें तो LPG रिफिल (14.2 किलोग्राम) के लिए 853 रुपये, PNG के लिए 50 रुपये/SCM और बिजली के लिए 6 रुपये/kWh देने होते हैं। PMUY (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना) के तहत आने वाले घर में खाना पकाने के लिए LPG या PNG पर साल भर में लगभग 6,800-6,900 रुपये का खर्चा होता है।

वहीं, बिजली से खाना पकाने पर यह खर्च घटकर 5,800-5,900 रुपये प्रति वर्ष रह जाता है। इस तरह, खर्च के मामले में बिजली से खाना पकाना पहले से ही ज्यादा सस्ता साबित है। 7 रुपये/kWh तक की कीमत पर भी बिजली से खाना पकाने किफायती रहता है। इसके साथ ही लोग कुछ तरीकों को अपना इंडक्शन के खर्चे को और भी कम कर सकते हैं।