हरियाणा के लिए नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर ) की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। करनाल, पानीपत, जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी समेत राज्य के सभी 14 जिले एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे। यह फैसला मंगलवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में लिया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा बनी रहेगी। इससे पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि हरियाणा के पांच जिलों को एनसीआर से बाहर किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र में राज्य की हिस्सेदारी काफी घट जाती।
वर्तमान में हरियाणा के 23 में से 14 जिले एनसीआर के दायरे में आते हैं। सूत्रों ने बताया है कि एनसीआर क्षेत्र में कटौती से सबसे अधिक प्रभावित राजस्थान होता। प्रस्तावित पुनर्गठन के अनुसार राज्य से केवल भिवाड़ी ही एनसीआर में शामिल रह जाता।
राजस्थान सरकार ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया था और माना जा रहा है कि उसके कड़े रुख ने मंगलवार को लिए गए फैसले को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाई। यदि प्रस्ताव लागू होता तो हरियाणा के पांच जिले करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी एनसीआर से बाहर हो जाते। इसका असर बुनियादी ढांचे में निवेश, भूमि उपयोग से जुड़ी मंजूरियों और एनसीआर दर्जे के तहत मिलने वाले विकास फंड पर पड़ सकता था।
रीजनल प्लान 2041 को अंतिम रूप देने के लिए कमेटी गठित
बैठक में रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सब-कमेटी गठित की गई है। यह सब-कमेटी 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड के इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास सुनिश्चित होगा। हरियाणा सरकार एनसीआर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ग्रीनफील्ड शहरों व आरआरटीएस परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएगी।
चार नए नमो सिटी बनेंगे, एक हरियाणा में विकसित होगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के साथ-साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बोर्ड के सभी सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीन फील्ड शहर की विकास योजना भेजेंगे। नमो सिटी के नाम से विकसित होने वाले यह शहर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर 2026 में गुरुग्राम (हरियाणा) में आयोजित की जाएगी।
अंबाला तक नहीं बढ़ेगा आरआरटीएस
बैठक के बाद एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस ) सिर्फ करनाल तक प्रस्तावित है। अंबाला तक इसे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा- एनसीआर की योजना केवल दिल्ली के प्रभाव क्षेत्र को लगातार बढ़ाने की नहीं है। इसके बजाय ऐसे सुव्यवस्थित शहरी केंद्र विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जो निवेश, रोजगार, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और आबादी को अपनी ओर आकर्षित कर सकें। उन्होंने संकेत दिया कि करनाल और अंबाला शहर भविष्य में मैग्नेट सिटी की भूमिका निभा सकते हैं। यानी ऐसे शहर, जो दिल्ली की ओर बढ़ने वाले विकास और आबादी के दबाव को अपने स्तर पर समाहित कर सकें और क्षेत्रीय विकास के नए केंद्र बनें।













































