साबूदाना भिगोने की नहीं जरूरत, कुकर में बनेगी खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी, भरत ने बताई रेसिपी!

PARMODKUMAR

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सावन के पवित्र महीने में व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी सबसे पसंद की जाती है। अक्सर साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए साबूदाने को कई घंटे पहले भिगोकर रखना पड़ता है। लेकिन अगर आप साबूदाना भिगोना भूल गए हैं, तो अब चिंता करने की कोई बात नहीं है। कुकिंग एक्सपर्ट भरत ने कुकर वाली शानदार रेसिपी बताई है।

सावन के व्रत या उपवास में अक्सर सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए साबूदाने को कई घंटे पहले से भिगोना पड़ता है। लेकिन अगर आप साबूदाना भिगोना भूल गए हैं और आपको साबूदाना खिचड़ी की खाना है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल कुकिंग एक्सपर्ट भरत ने कुकर वाली इंस्टेंट साबूदाना खिचड़ी रेसिपी शेयर की है।

इस आसान और स्मार्ट ट्रिक की मदद से आपको साबूदाना घंटों भिगोकर रखने की कोई झंझट नहीं झेलनी पड़ेगी। बस कुछ ही मिनटों में प्रेशर कुकर का इस्तेमाल कर आप तैयार कर सकते हैं एकदम मोती जैसी खिली-खिली और स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी। तो चलिए स्टेप बाय स्टेप रेसिपी जानते हैं ताकि किसी भी तरह की कोई गड़बड़ ना हो।

सबसे पहले कच्चे साबूदाने को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें और उसका सारा पानी निकाल दें। अब इस धुले हुए साबूदाने को एक स्टील के डब्बे में डालें। इसी डब्बे में थोड़ा सा देसी घी, स्वाद अनुसार सेंधा नमक, थोड़ी सी चीनी और मामूली सा पानी डालें।

कुकर में आलू और डब्बे को स्टीम करना

अब एक प्रेशर कुकर में थोड़ा पानी डालें। कुकर के अंदर साबूदाने वाले डब्बे को रखें और साथ ही दो कच्चे साबुत आलू भी कुकर में डाल दें। इसके बाद डब्बे का ढक्कन अच्छी तरह बंद करें और कुकर का ढक्कन लगाकर इसे मध्यम आंच पर 3 सीटी आने तक पकने दें। इस तरह साबूदाना भिगोए बिना स्टीम करके पका सकते हैं।

ठंडे पानी से साबूदाना अलग करना

3 सीटी आने के बाद कुकर का प्रेशर खुद निकलने दें। डब्बा खोलकर देखेंगे तो साबूदाना पूरी तरह से पक चुका होगा और आलू भी उबल चुके होंगे। शुरुआत में साबूदाना थोड़ा चिपचिपा लग सकता है। इसे खिली-खिली फॉर्म में लाने के लिए साबूदाने को एक छलनी में निकालें और ऊपर से ठंडे पानी से अच्छे से धो लें। इससे दाने एकदम अलग-अलग हो जाएंगे।

कुकर में तड़का तैयार करना

अब उसी कुकर को साफ करके उसमें थोड़ा सा देसी घी गर्म करें। इसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, बारीक कटा अदरक और टमाटर डालकर अच्छे से भून लें। आप चाहें तो मूंगफली को पहले ही फ्राई करके अलग निकला सकते हैं तो गार्निशिंग के काम आ सकती हैं।

सभी सामग्री मिलाना

तड़का तैयार होने के बाद इसमें ठंडे पानी से अलग-अलग किए गए साबूदाने और उबले हुए आलू के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर डालें। फ्लेवर बढ़ाने के लिए इसमें ऊपर से थोड़ा सेंधा नमक, चुटकी भर चीनी, कुटी हुई काली मिर्च और रोस्ट की हुई भुनी मूंगफली मिलाएं।

भरत ने बताई आसान रेसिपी

मिक्सिंग और गार्निशिंग

सभी चीजों को कुकर में हल्की आंच पर 1-2 मिनट के लिए अच्छे से मिला लें। आखिर में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और नींबू का रस निचोड़ें। आपकी बिना भिगोए बनी इंस्टेंट और खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी परोसने के लिए तैयार है। ध्यान रहे कि साबूदाने को डब्बे में स्टीम करने के बाद ठंडे पानी से धोना बहुत जरूरी है, इसी ट्रिक से साबूदाना चिपकता नहीं है और एकदम मोती की तरह खिला-खिला बनता है।