चलना सबसे आसान और बेहतरीन एक्सरसाइज है, जो दिल, दिमाग, हड्डी समेत पूरे शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। हर रोज 30 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग करने से इन फायदों को प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि सुविधाओं और वयस्तता के इस जमाने में ये काम करना भी लोगों के लिए मुश्किल बन गया है। जिससे शरीर का बुनियादी स्वास्थ्य बिगड़ जाता है और गंभीर बीमारियां बॉडी को जकड़ने लगती हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि 30 मिनट चलने से क्या सकारात्मक बदलाव आता है और वॉक का सही तरीका क्या है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आपको दिन में कम से कम 30 मिनट चलना चाहिए। आप चलने के लिए इससे ज्यादा वक्त निकाल सकते हैं तो यह और बेहतर रिजल्ट देगा। अगर आप लगातार 30 मिनट नहीं चल पा रहे हैं तो पूरे दिन में 10-10 मिनट तीन बार चल सकते हैं। यह काम आपको हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा दिन करना चाहिए।
चलने का सही तरीका
वॉकिंग के फायदे पाने के लिए चलने का तरीका काफी मायने रखता है। बैटरहेल्थ के मुताबिक, आपको ब्रिस्क वॉक करनी चाहिए। इसमें आपकी गति सामान्य से थोड़ी तेज होती है। यह मॉडरेट इंटेंसिटी की कैटेगरी में आती है। एक तरीके से आप पता भी कर सकते हैं कि आपके चलने की स्पीड सही है या नहीं। बैटरहेल्थ के मुताबिक, ब्रिस्क वॉकिंग में आपकी गति इतनी होनी चाहिए कि आप आराम से बात तो कर सकें, लेकिन गाने में सांस फूलने लगे।
30 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग के फायदे
30 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाने का बढ़िया तरीका है। इसके फायदों के बारे में बैटरहेल्थ, आर्थराइटिस फाउंडेशन और एनसीबीआई पर प्रकाशित शोध में विस्तार से बताया गया है।
हेल्दी हार्ट – एनसीबीआई पर प्रकाशित शोध में वॉकिंग को कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के जोखिम को कम करने वाला बताया गया है। यह एंडोथेलियल फंक्शन को सुधारने में मदद करती है। एंडोथेलियल सेल्स रक्त वाहिकाओं की अंदरुनी सतह पर मौजूद होती हैं और वैस्कुलर टोन, ब्लड प्रेशर, प्लेटलेट एग्रीगेशन को मेंटेन रखने में काफी बड़ी भूमिका निभाती हैं। चलने से आपके ओवरऑल हार्ट फंक्शन और हार्ट रेट को बेहतर बनाने में सपोर्ट मिलता है।
हेल्दी लंग्स – बैटरहेल्थ के मुताबिक, ब्रिस्क वॉकिंग से आपकी पल्मोनरी फिटनेस में सुधार आता है। चलने पर शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, जिसकी पूर्ति करने के लिए लंग्स और डायाफ्राम को थोड़ा खुलकर काम करना पड़ता है। इससे इनकी मसल्स पर पॉजीटिव इफेक्ट पड़ता है और उनमें मजबूती आती है।
बेहतर ब्लड सर्कुलेशन – आर्थराइटिस फाउंडेशन के मुताबिक, वॉकिंग से पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आता है। उन्होंने बोस्टन के हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के हवाले से जानकारी दी कि केवल 30 मिनट चलने पर महिलाओं में स्ट्रोक का खतरा 20 प्रतिशत कम हो जाता है और इसकी स्पीड बढ़ाने से 40 प्रतिशत खतरा कम होता है।
वेट मैनेजमेंट में मदद – अगर आप अपना वजन मेंटेन रखना चाहते हैं तो वॉकिंग को कभी नजरअंदाज ना करें। अपने वेट लॉस प्रोग्राम में भी इसे शामिल करते रहें। आर्थराइटिस फाउंडेशन के मुताबिक, 30 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग से 200 कैलोरी बर्न होती है, जो आपको कैलोरी डेफिसिट में ले जाने के लिए काफी मददगार हो सकती है।
हड्डी और जोड़ों में मजबूती – आर्थराइटिस फाउंडेशन के मुताबिक, अधिकतर जोड़ों के कार्टिलेज तक सीधी ब्लड सप्लाई नहीं जाती। इसलिए उसे जॉइंट फ्लूइड से पोषण और ऑक्सीजन लेना पड़ता है और यह फ्लूइड हमारे चलने-फिरने के दौरान कार्टिलेज तक पहुंचता है। वॉकिंग करने से बोन लॉस में भी कमी आती है और हड्डियों की मजबूती बनी रहती है।
डेली रूटीन में वॉकिंग बढ़ाने का तरीका
घर के आसपास वाली मार्केट या जनरल स्टोर तक पैदल जाएं।
अगर संभव हो तो मोबाइल पर बात करते समय टहलें।
ऑफिस आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
लिफ्ट की जगह स्टेयर्स का इस्तेमाल करें।
शुरुआत में हमेशा स्पीड अपनी सुविधा के अनुसार ही रखें।
इतना ही नहीं, ब्रिस्क वॉकिंग आपके मूड, मेंटल हेल्थ और स्लीप क्वालिटी पर भी सकारात्मक असर डालती है। जिससे आपके शरीर का संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है। इतने सारे फायदे आपको केवल 30 मिनट की वॉकिंग से मिल सकते हैं।














































