‘बच्चों की मौत का कारण बनेगा मां-बाप का प्यार’, देवकीनंदन ठाकुर के बयान ने क्यों मचाई हलचल!

parmodkumar

0
0

मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस वीडियो में वह बच्चों की परवरिश को लेकर अपनी अहम राय रखते हैं। इसी दौरान वह कहते हैं, ‘मां-बाप का प्रेम ही बच्चों की मौत का कारण बनेगा।’ हालांकि, इस बयान के पीछे वह एक बड़ी वजह भी बताते हैं। आइए जानते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा।

हर माता-पिता अपने बच्चे से बेहद प्रेम करते हैं और उसकी हर खुशी का ध्यान रखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपका लाड़-प्यार कभी-कभी बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है? दरअसल, मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का कहना है कि कई बार माता-पिता का यही प्रेम बच्चों के लिए मुसीबत और यहां तक कि उनकी मौत तक का कारण बन सकता है। अपने प्रवचन में उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए माता-पिता को बच्चों की परवरिश से जुड़ा एक अहम संदेश दिया। आइए जानते हैं इस बारे में व‍िस्‍तार से।

कलयुग के माता-प‍िता कैसे होंगे ?

मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर एक प्रवचन के दौरान कहते हैं कि कलयुग में माता-पिता कैसे होंगे? बोलें तो- वह अपनी संतान के लिए झूठ बोलने, कपट करने, ईर्ष्या और द्वेष करेंगे। वह आगे उदाहरण देते हुए समझाते हैं, ‘अगर बच्चा कहे, ‘मम्मी, मुझे चॉकलेट चाहिए’, तो मां तुरंत कहती है, ‘ले लो बेटा।’ अगर वह कहे, ‘पापा, मुझे पिज्जा, बर्गर, चिप्स या कोल्ड ड्रिंक चाहिए’, तो पिता भी तुरंत कह देते हैं, ‘ले लो बेटा।’

बच्‍चा आईफोन मांगता है, तो कहते हैं ले लो बेटा

वे आगे कहते हैं, ‘अगर रात के 1 बजे भी बच्चा कहे, ‘पापा, मुझे सॉस और चटनी के साथ फ‍िंगर च‍िप्‍स चाहिए’, तब भी पिता कह देंगे, ‘हां बेटा, अभी लाते हैं।’ अगर बच्चा कहे, ‘मम्मी-पापा, मुझे आईफोन चाहिए’,
तो माता-पिता भी बिना ज्यादा सोचे कह देंगे, ‘ले लो बेटा। वह समझाते हैं क‍ि अरे आईफोन के बराबर तो हो जाओ’ ( Image- shri devkinandan thakur maharaj Instagram)

बच्‍चे की मुसीबतों का कारण बनेंगे पेरेंट्स

इसके बा​द देवकीनंदन ठाकुर कहते हैं, ‘माता-पिता अपनी संतान से इतना प्रेम करेंगे कि उनका प्रेम ही बच्चे की मृत्यु का कारण बनेगा। यही प्रेम बच्चों की मुसीबतों का कारण
भी बनेगा।’ कथावाचक आगे कहते हैं कि इसकी वजह यह है कि आज के बच्चे संघर्ष नहीं कर पाते। छोटी-सी परेशानी आते ही बच्चा हांफने लगता है, उसकी सांस फूलने लगती है और उसे अटैक तक आ जाता है। इसका कारण यह है कि माता-पिता ने उसे कभी मजबूत बनाया ही नहीं।

बच्‍चों को चुनौत‍ियों का सामना करना स‍िखाएं

कथावाचक की इस बात से माता-पिता यह सीख ले सकते हैं कि बच्चों को हर मुश्किल से बचाने
के बजाय उसका सामना करना सिखाएं। उन्हें चुनौतियों से लड़ने और समस्याओं का समाधान खुद ढूंढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, उनकी हर मांग तुरंत पूरी करना भी जरूरी नहीं है। बच्चों को ‘न’ सुनने, इंतजार करने और धैर्य रखना सीखने का अवसर देना भी जरूरी होता है। इससे बच्चा न केवल आत्मनिर्भर बनता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से भी अधिक मजबूत होता है।