राजपरिवार में तीज उत्सव की तस्वीरें आईं सामने, राजकुमारी की खूबसूरती के बीच पत्तों से सजे शाही महल पर ठहरी नजर!

parmodkumar

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जयपुर के ऐतिहासिक सिटी पैलेस में राजपरिवार द्वारा हरियाली तीज का त्योहार बेहद धूमधाम और परंपरा के साथ मनाया गया। इस दौरान राजकुमारी गौरवी कुमारी की खूबसूरती के चर्चे तो रहे ही, लेकिन हर किसी की नजरें महल की कुदरती सजावट पर टिक गईं। आम और केले के पत्तों से सजे शाही महल और गेंदे के फूलों से सजे झूले ने खूबसूरती में चार-चांद लगा दिए।

राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत की पहचान जयपुर का सिटी पैलेस एक बार फिर पारंपरिक ठाट-बाट और हरियाली तीज की उमंग से सरोबार नजर आया। राजपरिवार द्वारा आयोजित इस भव्य उत्सव में उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी की बेटी गौरवी कुमारी और अन्य महिलाओं ने पारंपरिक लहरिया परिधानों में तीज माता की पूजा-अर्चना की।

इस दौरान राजकुमारी के रॉयल लुक के साथ-साथ महल की खूबसूरत सजावट भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। आम के पत्तों के तोरण, केले के पत्तों की सजावट और गेंदे के ताजे फूलों से सजे शाही झूलों ने पूरे सिटी पैलेस को सावन की हरियाली में रंग दिया था।

दरवाजों पर तोरण की सजावट

महल के भव्य मेहराबदार दरवाजों और मुख्य प्रवेश द्वारों पर आम केहरे-भरे पत्तों के तोरण सजाए गए थे। प्रवेश द्वारों के मेहराबों के चारों ओर आम के ताजे पत्तों की लड़ियों को बेहद खूबसूरती और बारीकी से पिरोया गया था। दरवाजों पर की गई यह पारंपरिक सजावट न केवल महल के मुख्य द्वारों को शाही रूप दे रही थी, बल्कि पूरे उत्सव में एक पवित्र और सांस्कृतिक दिखा रही थी।

दीवारों पर भी लगाए लंबे-लंबे तोरण

आम तौर पर दरवाजों पर ही तोरण लगाए जाते हैं लेकिन शाही महल की सजावट की खास बात थी यहां दरवाजों के अलावा सफेद और नीली नक्काशी वाली सुंदर संगमरमरी दीवारों
पर आम के पत्तों की लड़ियां बेहद करीने से लगाई गई थीं। भारतीय परंपरा में शुभता के प्रतीक माने जाने वाले आम के पत्तों का यह हरा रंग दीवारों की बारीक कलाकारी के साथ प्राकृतिक कंट्रास्ट बना रहा था।

केले के पत्तों और प्राकृतिक पौधों का समावेश

हरियाली तीज के महत्व को ध्यान में रखते हुए महल के भीतरी प्रांगण और बैठकों में केले के विशाल हरे पत्तों वाले पौधों का खूबसूरती से इस्तेमाल किया गया था। राजशाही शामियानों और लाल मखमली गद्दों के पीछे रखे केले के पत्तों के पौधे पूरे कमरे को प्राकृतिक ताजगी से भर रहे थे।

राजपरिवार में तीज उत्सव की झलक

गेंदे के फूलों से सजे शाही झूले और झंडे

तीज का त्योहार बिना झूले के अधूरा माना जाता है। पैलेस के आंगन में बने लकड़ी के शाही झूले को नारंगी और पीले गेंदे के ताजे फूलों और हरी पत्तियों से पूरी तरह से ढका गया था। झूले के आधार और स्तंभों को गेंदे की भारी मालाओं और लहरिया प्रिंट की रंग-बिरंगी गेंदों से सजाया गया था।

शाही महल की सादी सजावट है खास

शाही महल की सादी सजावट है खास

गेंदे की मालाओं और लाल गुलाबों से सजी तीज माता

तीज माता की प्रतिमा को लाल-सुनहरी पोशाक पहनाने के साथ-साथ गेंदे के फूलों की मालाओं और लाल गुलाब के ताजे गजरे से सजाया गया था। पूजा स्थल के ऊपर ताजे गेंदे के पीले फूलों की पंखुड़ियों और हरे पत्तों की छतरी बनाई गई थी। इस तरह तीज माता और महल की सजावट
में प्राकृतिक चीजों का खूबसूरती से इस्तेमाल किया गया था।