फरीदाबाद और मथुरा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा डिविजन ने इस रूट पर मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली मंडल को भेजा है, जिस पर गंभीरता से विचार हो रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, ये ट्रेनें सप्ताह में 6 दिन चलाई जा सकती है। इससे यात्रियों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। फिलहाल इस रूट पर ट्रेनों की संख्या सिमित है। दो मथुर शटल और आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस के अलावा दोपहर के समय कोई लोकल ट्रेन उपलब्ध नहीं है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
रोजाना इस रूट पर यात्रा करते है 40 से 42 हजार लोग
करीब 40-42 हजार लोग रोजाना इस रूट पर यात्रा करते हैं। इनमें नौकरीपेशा, छात्र और व्यापारी शामिल हैं। रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली डिविजन के रेल अधिकारी इस प्रस्ताव की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हुए हैं। रिपोर्ट में यात्रियों की संख्या, रूट की व्यस्तता और समय-सारणी जैसे महत्तवपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट सकारात्मक आने पर इस योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकता है।
यात्रियों को झेलनी पड़ती है परेशानी
फिलहाल इस रूट पर यात्रियों को या तो लंबी दूरी की ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है जिसमें उन्हें जगह नहीं मिलती है। ऐसे में मेमू ट्रेन शुरू होने से आम यात्रियों को सस्ती, सुगम और नियमित यात्रा का विकल्प मिलेगा। दैनिक यात्री संघ कोसीकलां के सदस्य दीपक अग्रवाल का कहना है कि अकेले कोसीकलां से रोजाना करीब 8 हजार यात्री सफर करते हैं। ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण लोगों को प्राइवेट और अन्य साधनों में सफर करना पड़ता है।
इन स्टेशनों पर हो सकता है ठहराव
रेलवे सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित मेमू ट्रेनों को मथुरा से भूतेश्वर, वृंदावन रोड, अजाही छात्रा, कोसीकलां, होडल, बचरी, सोलाका, रूधी, पलवल, असावटी, बल्लभगढ़, न्यूटाउन और फरीदाबाद तक स्टोपेज देकर चलाने की योजना है।
दैनिक यात्रियों का कहना है कि इस ट्रेन के चलने से वृंदावन दर्शन करने जाने वाले हजारों यात्रियों को फायदा मिलेगा।
इसके अलावा फरीदाबाद से मथुरा की ओर जाने वाले यात्री भी फायदे में रहेंगे।
















































