SE गीतू राम तंवर केस में पुलिस पर सवाल: परिवार ने दिए 12 नाम, FIR में नहीं आया किसी का नाम; शव नहीं उठाएंगे!

parmodkumar

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बिजली निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (एसई) गीतू राम तंवर की मौत के मामले में परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक के भाई सुरेश तंवर ने कहा कि जब तक सुसाइड नोट में जिन-जिन अधिकारियों के नाम हैं, उन्हें आरोपी बनाकर गिरफ्तार नहीं किया जाता और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं होती, तब तक परिवार शव का अंतिम संस्कार नहीं करेगा। वहीं परिवार की ओर से अधिवक्ता सोनिया तंवर ने आरोप लगाया कि पुलिस को दी गई शिकायत में 12 अधिकारियों के नाम स्पष्ट तौर पर दिए गए थे, लेकिन पुलिस ने एफआईआर में इन सभी को अज्ञात दिखा दिया।

सुरेश तंवर ने कहा कि उनके भाई ने अधिकारियों के खिलाफ पहले भी शिकायतें की थीं। उन्होंने आईजी सोनीपत और ईडी को भी शिकायत दी थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। अब सुसाइड नोट सामने आने के बाद परिवार की मांग है कि उसमें जिन अधिकारियों की भूमिका का जिक्र किया गया है, उन्हें मामले में आरोपी बनाया जाए और गिरफ्तार किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सुसाइड नोट में शामिल एक-एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक परिवार शव नहीं उठाएगा। सुरेश तंवर ने कहा कि परिवार किसी अधिकारी को बचाने की कोशिश स्वीकार नहीं करेगा और इस मामले में निष्पक्ष जांच चाहता है।

‘क्या दलित समाज में जन्म लेना गुनाह है’
सुरेश तंवर ने कहा, “क्या दलित समाज में जन्म लेकर हमने बहुत बड़ा गुनाह कर दिया? आगे कोई भी दलित न तो अपने बेटे को पढ़ाएगा और न ही कोई अफसर बनाएगा।” उन्होंने कहा कि उनके भाई ने मेहनत से अधिकारी का पद हासिल किया था, लेकिन उन्हें किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आईएएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके भाई ने भी उसी तरह सुसाइड जैसा कदम उठाया है।

‘12 नाम दिए, एफआईआर में अज्ञात कर दिए’
परिवार की ओर से अधिवक्ता सोनिया तंवर ने कहा कि पुलिस को जो शिकायत दी गई थी, उसमें 12 अधिकारियों के नाम दिए गए थे। इसके बावजूद पुलिस ने शिकायत के मुताबिक मामला दर्ज नहीं किया और एफआईआर में आरोपियों को अज्ञात दिखा दिया। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग है कि शिकायत में दिए गए नामों को एफआईआर में शामिल कर उनकी भूमिका की जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

सेक्टर-9 के घर में सांत्वना देने पहुंच रहे लोग
गीतू राम तंवर की मौत के बाद उनके सेक्टर-9 स्थित आवास पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। परिचित, रिश्तेदार और समाज के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। घर के अंदर उनकी पत्नी, बेटियां और बेटा मौजूद हैं। परिजन गहरे सदमे में हैं और बात करने की स्थिति में नहीं हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।