Rohtak: पूर्व मंत्री की कोठी जलाने के केस में आज CBI कोर्ट में फैसला आने की उम्मीद, जाट आरक्षण हिंसा मामला

parmodkumar

0
4

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट शुक्रवार को अपना निर्णय सुना सकती है। बहुचर्चित केस में 58 आरोपी हैं जिसमें ज्यादातर रोहतक व झज्जर के रहने वाले हैं। सीबीआई कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र के मुताबिक, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भतीजे रोहित के बयान पर साल 2016 में केंद्रीय जांच एजेंसी ने एफआईआर नंबर 118 दर्ज की थी।

आरोप था कि जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की तरफ से पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ आई और जबरन घर में घुस गई। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी और कोठी का सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके।

इससे कोठी में आग लग गई और करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। पहले स्थानीय पुलिस ने जांच की लेकिन बाद में सरकार ने केस सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई की तरफ से आरोप पत्र दाखिल किया जिसमें 58 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा व अन्य शामिल हैं।

127 लोगों की हुई गवाही, चार जज, डीसी, दो एसपी भी शामिल
सीबीआई कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करने वाले चार जजों के अलावा तत्कालीन रोहतक डीसी डीके बेहरा सहित तत्कालीन रोहतक एसपी व सीबीआई एसपी तक के बयान दर्ज हुए। केस में तेजी लाने के लिए हाईकोर्ट ने हर सप्ताह सुनवाई की हिदायत दी थी। साथ ही तय किया था कि दिसंबर 2025 तक सुनवाई पूरी हो जाए। हालांकि, बाद में सुनवाई की समय सीमा बढ़ा दी थी। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि गवाही पूरी होने के बाद तीन बार ऑर्डर के लिए तिथि तय हो चुकी है। अब शुक्रवार को फैसला आने की उम्मीद है।