गरीबों को दिए जाने वाले राशन को लेकर प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। प्रशासन ने डिपूओं पर ऐसा गेहूं भेज दिया जिसे खाना तो दूर उसके बदबू ने डिपू संचालकों को परेशान कर दिया। डिपूओं पर प्रशासन ने सड़ा हुआ गेहूं भेजा है। सितंबर माह में दिए जाने वाले गेहूं की सप्लाई करीब डेढ़ माह पहले ही शुरू कर दी गई है। डिपूओं पर आए खराब गेहूं को लेकर संचालकों ने लेने से मना कर दिया है। मंगलवार को डिपू संचालक जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में पहुंचे और दो टूक का कहा कि सड़ा हुआ गेहूं नहीं लेंगे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जहां गेहूं की सप्लाई पहुंच चुकी है वहां से वापस मंगवाया जाएगा। गोदाम खाली करने के लिए विभाग निकाल रहा स्टॉक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से जिले के डिपूओं पर सितंबर माह का स्टॉक भेजा जा रहा है। विभाग पहले जुलाई और अगस्त माह का राशन भेज चुका है। डिपू संचालकों का कहना है कि उनके पास इतनी जगह नहीं होती है कि वह दो-दो माह का एक साथ स्टॉक कर लें। खराब गेहूं से कार्ड धारक करते है लड़ाई डिपू संचालकों का कहना है कि हर बार गेहूं की गुणवता खराब होती है। इस बार ज्यादा खराब है। खराब गेहूं को लेकर राशन कार्ड धारक लड़ाई करते है। खराब गेहूं को लेकर धारक उन्हें जिम्मेदार ठहराते है। जिले में ये है स्थिति राशन डिपू – 366 लाभार्थी – 6,35,732 ऑल फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन प्रदेशाध्यक्ष शीशपाल गोदारा ने कहा कि डिपूओं पर सितंबर और अक्तूबर माह की सप्लाई गेहूं की भेजी जा रही है। जो गेहूं है वह खराब है और इसको लेकर अधिकारियों से मिले है। अधिकारियों का कहना है कि गेहूं को बदल दिया जाएगा। गेहूं पूरी तरह से सड़ा हुआ है। सप्लाई के दौरान कई बार एक-आधे बैग में खराब गेहूं आ जाता है, इसको लेकर निर्देश दे रखे है कि कहीं अगर दिक्कत है तो बदला जाएगा। डिपू संचालक मिले थे, उनके कुछ और समस्या थी!














































