गुरुग्राम: मकर संक्रांति में सूर्य देवता भी उत्तरायण हो गए, मगर दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही कड़ाके की ठंड में कोई कमी नहीं आई है। एनसीआर के शहर गुरुग्राम में सर्दी ने 49 साल पुराने रेकॉर्ड को टच कर लिया। आईएमडी के मुताबिक, बुधवार सुबह गुड़गांव का न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस ठंड के सामने मसूरी और शिमला की सर्दी भी फेल हो गई। हालांकि धूप खिलने के बाद दोपहर में तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राहत की खबर यह है कि आईएमडी ने शुक्रवार को अच्छे मौसम की भविष्यवाणी की है। कल गुड़गांव में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।
हरियाणा में पाला और कोहरा भी गहराया
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार सुबह गुड़गांव का टेंपरेचर उत्तर भारत के सबसे ठंडे इलाकों में से एक था। कुछ दिन पहले ही गुरुग्राम का तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। यह पिछले करीब पांच दशकों में सबसे कम तापमान था। IMD के ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन ने सोमवार को यह 0.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया था, जो यह 22 जनवरी 1977 के रिकॉर्ड के बराबर था। इससे पहले गुरुग्राम में केवल तीन बार टेंपरेचर इतना कम दर्ज किया गया था। 5 दिसंबर 1966 को गुड़गांव में पारा माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का था। 11 जनवरी 1970 को 0 डिग्री सेल्सियस और 22 जनवरी 1979 को 0.3 डिग्री सेल्सियस तापमान था। हरियाणा के कई इलाकों में पाला और कोहरा ने खतरनाक हालात बना दिए हैं। गुड़गांव के आसपास खेतों में खड़ी फसलों, घास और गाड़ियों की विंडशील्ड पर पाला जम गया था।
मौसम साफ होने के कारण बढ़ी है ठंड
दूसरी ओर, पहाड़ों में मैदानी इलाके से कम ठंड पड़ रही है। दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन पर बुधवार को न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि मसूरी का तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस और शिमला का तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, जब शुष्क नॉदर्न-वेस्टर्न हवाएं हिमालय की तरफ़ से भारत के उत्तरपूर्वी मैदानी इलाक़ों की तरफ़ बढ़ती हैं और तापमान तेज़ी से गिरता है।













































