अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच आज सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 2,953 रुपए घटकर 2.37 लाख रुपए आ गई, जो 10 अप्रैल को 2.40 लाख रुपए पर थी।
वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 316 रुपए घटकर 1,50,011 रुपए आ गया है। इससे पहले शुक्रवार को यह 1,50,327 लाख पर था। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 45 दिन में 9,086 और चांदी 29,719 सस्ती हुई है।
- ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं।
- खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है।
- लोकल ज्वेलर्स एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलर्स एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं।
- पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे।
ऑल टाइम हाई से 1.49 लाख रुपए गिरी चांदी
इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 26,110 रुपए सस्ता हो चुका है।
वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 103 दिन में चांदी 1.49 लाख रुपए सस्ती हो गई है।
ऑल टाइम हाई से सोना ₹26 हजार और चांदी ₹1.49 लाख सस्ती
| तारीख | सोने की कीमत | चांदी की कीमत |
| 29 जनवरी | ₹1,76,121 | ₹3,85,933 |
| 10 फरवरी | ₹1,56,255 | ₹2,59,100 |
| 20-फरवरी | ₹1,54,438 | ₹2,45,564 |
| 10 मार्च | ₹1,60,188 | ₹2,70,944 |
| 20 मार्च | ₹1,47,218 | ₹2,32,364 |
| 13 अप्रैल | ₹1,50,011 | ₹2,36,981 |
गिरावट के मुख्य कारण: कैश पर भरोसा बढ़ा
आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है:
- कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग में निवेशक जोखिम से बचते हुए गोल्ड-सिल्वर बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि अनिश्चितता में लिक्विडिटी बनी रहे।
- प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में रिकॉर्ड कीमतों पर बड़े निवेशकों ने होल्डिंग बेची, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतें गिरीं।
- ब्याज दरों का असर: अमेरिका के फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से कीमती धातुओं की चमक फीकी हुई है।
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
- मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है।
- आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है।
- स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है।
- क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है।
भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है।
अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है।













































