बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर टोहाना में पिछले सात दिनों से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। सिख संगत और विभिन्न संगठनों के लोग टेंट लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। धरने का नेतृत्व प्रधान कुलविंद्र सिंह कर रहे हैं। मंगलवार को धरना स्थल पर मीडिया से बात करते हुए प्रधान कुलविंद्र सिंह ने कहा कि जो सिख नौजवान लंबे समय से जेलों में बंद हैं, उनकी सजा पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा। यह मानवाधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। प्रधान कुलविंद्र ने बताया कि यह धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण है। पिछले सात दिनों से रोजाना अरदास की जा रही है और संगत की ओर से लंगर की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि केंद्र और राज्य सरकारे बंदी सिखों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इस धरने को इलाके के किसानों, मजदूरों और अन्य सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। धरने में बड़ी संख्या में बुजुर्ग शामिल हैं जो पिछले एक सप्ताह से लगातार बैठे हैं। कुलविंद्र सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2 सितंबर को धरना स्थल से शुरू होकर टोहाना लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया जाएगा और एसडीएम टोहाना को ज्ञापन दिया जाएगा धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
बंदी सिखों की रिहाई के लिए सातवें दिन भी धरना जारी, सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग!
parmodkumar













































